
शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कांगड़ा जिले के देहरा में हाल ही में हुए उपचुनाव के दौरान महिला मंडलों को 50-50 हजार रुपये बांटने के आरोपों को लेकर राज्य सरकार और कांगड़ा सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक (KCC) को नोटिस जारी किया है।
बता दें कि मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावलिया और न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ ने सभी प्रतिवादियों से मामले पर जवाब दाखिल करने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 11 दिसंबर को होगी।
यह जनहित याचिका भाजपा प्रत्याशी होशियार सिंह ने दायर की है। याचिकाकर्ता के अनुसार, उपचुनाव के दौरान मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन के रूप में दो व्यक्तियों ने बैंक को मेल किया था। इसके बाद 9 और 10 जुलाई को कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक ने 67 महिला मंडलों को 50-50 हजार रुपये आवंटित किए, जबकि महिला मंडलों ने कोई मांग नहीं की थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह राशि उपचुनाव जीतने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर दी गई।
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि यह जानकारी उन्हें आरटीआई के माध्यम से मिली। उन्होंने यह भी कहा कि अगर समय पर सूचना मिलती, तो भारतीय निर्वाचन आयोग को भी इसकी शिकायत की जाती। इस उपचुनाव में कांग्रेस की प्रत्याशी और मुख्यमंत्री की पत्नी कमलेश ने भाजपा प्रत्याशी होशियार सिंह को करीब 10 हजार वोटों के अंतर से हराया था।
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मंडी लोकसभा चुनाव में कंगना रनौत की जीत को चुनौती
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में मंडी लोकसभा चुनाव में कंगना रनौत की जीत को चुनौती देने वाली याचिका की अगली सुनवाई 13 नवंबर को होगी।
कन्नौर निवासी लायक राम नेगी ने याचिका में दावा किया है कि उनके नामांकन पत्र को गलत तरीके से अस्वीकार किया गया। इस कारण उन्होंने चुनाव को रद्द करने की मांग की है। वीरवार को इस मामले में इशु फ्रेम तय किए जाने थे, लेकिन किसी कारणवश यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। अगली सुनवाई में इस पर फैसला लिया जाएगा।
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ज्वालामुखी कॉलेज के पास शराब ठेका खोलने पर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया
प्रदेश हाईकोर्ट ने ज्वालामुखी कॉलेज के छात्रों द्वारा दायर जनहित याचिका पर संज्ञान लिया। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज और राष्ट्रीय राजमार्ग से 100 मीटर की दूरी पर एक शराब ठेका खोला गया है, जो नियमों के खिलाफ है।
मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ ने राज्य सरकार और ठेकेदार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी। कोर्ट ने अभ्यावेदन की समीक्षा के बाद पाया कि पहले एकल न्यायाधीश के आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि शराब का ठेका शैक्षणिक संस्थान और राष्ट्रीय राजमार्ग से निर्धारित दूरी का उल्लंघन करता है या नहीं।
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