श्रीहरिकोटा: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। संगठन ने आज अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट LVM3-M5 के ज़रिए लगभग 4,410 किलोग्राम वजनी संचार उपग्रह CMS-03 को अंतरिक्ष में सफलता पूर्वक स्थापित किया। इसे भारत की धरती से भू-समकालिक स्थानांतरण कक्षा (GTO) में छोड़ा गया अब तक का सबसे भारी सैटेलाइट माना जा रहा है।
‘बाहुबली’ रॉकेट की एक और कामयाबी
LVM3, जिसे वैज्ञानिकों ने इसकी जबरदस्त उठाने की क्षमता के कारण ‘बाहुबली’ का नाम दिया है, ISRO का सबसे शक्तिशाली लॉन्च व्हीकल है। तीन चरणों में कार्य करने वाले इस रॉकेट में दो S200 सॉलिड बूस्टर, एक L110 लिक्विड स्टेज, और एक C25 क्रायोजेनिक इंजन शामिल हैं। इसी रॉकेट ने वर्ष 2023 में चंद्रयान-3 को चंद्रमा की कक्षा में पहुंचाया था, जिससे भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली थी।
भारतीय नौसेना को मिला सबसे उन्नत सैटेलाइट
CMS-03, जिसे GSAT-7R भी कहा जाता है, विशेष रूप से भारतीय नौसेना की संचार क्षमताओं को बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। यह सैटेलाइट नौसेना को दूरस्थ समुद्री इलाकों में भी सुरक्षित और तेज संचार की सुविधा देगा। इसके साथ ही यह समुद्री क्षेत्र जागरूकता (Maritime Domain Awareness) को और मज़बूत करेगा। इस सैटेलाइट में कई स्वदेशी तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया गया है, जो पूरी तरह भारत में विकसित किए गए हैं।
#WATCH | Sriharikota | The launch of ISRO’s LVM3-M5 carrying the CMS-03 communication satellite from SDSC/ISRO Sriharikota.
Indian Navy’s GSAT 7R (CMS-03) communication satellite today would be the most advanced communication satellite thus far for the Indian Navy. The satellite… pic.twitter.com/nzWZWS94RK
— ANI (@ANI) November 2, 2025
तकनीकी दृष्टि से एक बड़ा कदम
ISRO के अनुसार, CMS-03 मिशन न केवल भारत की अंतरिक्ष तकनीक की क्षमता का प्रमाण है, बल्कि यह देश की सामरिक (strategic) स्वायत्तता को भी मजबूत करता है। LVM3 अब पूरी तरह से 4 टन तक के सैटेलाइट को GTO में स्थापित करने में सक्षम है, जिससे भारत को भारी उपग्रह लॉन्च के लिए विदेशी रॉकेटों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
मिशन का महत्व
इस सैटेलाइट के माध्यम से भारत के तटीय इलाकों, द्वीपों और विस्तृत समुद्री क्षेत्रों में बहु-बैंड संचार सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे नौसेना को मिशन ऑपरेशंस और आपातकालीन परिस्थितियों में रीयल-टाइम डेटा प्राप्त होगा।
#WATCH श्रीहरिकोटा, तिरुपति (आंध्र प्रदेश): ISRO ने देश का सबसे भारी संचार उपग्रह Cms-03 लॉन्च किया।
सोर्स: ISRO pic.twitter.com/6jQnxrmWSq
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 2, 2025
ISRO की पांचवीं अभियानगत उड़ान
LVM3-M5 मिशन, इस रॉकेट की पांचवीं ऑपरेशनल फ्लाइट है। इससे पहले, दिसंबर 2018 में ISRO ने फ्रेंच गुयाना से अपने सबसे भारी संचार उपग्रह GSAT-11 (5,854 किलोग्राम) को लॉन्च किया था।
भारत की अंतरिक्ष यात्रा का नया अध्याय
CMS-03 के साथ भारत ने न केवल अंतरिक्ष में अपनी तकनीकी क्षमता का परिचय दिया है, बल्कि भविष्य के लिए आत्मनिर्भर अंतरिक्ष मिशनों की नींव भी मजबूत की है। ISRO के वैज्ञानिकों का कहना है कि यह मिशन आने वाले रक्षा और संचार अभियानों की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा।