इंटरनेशनल डेस्क: चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग के विशेष दूत और उप प्रधान मंत्री तिंग श्वेशांग ने स्थानीय समयानुसार 6 नवंबर को ब्राजील के बेलेम में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परवर्तन ढांचागत समझौते के हस्ताक्षरित पक्षों की 30वीं महासभा (कोप30) बेलम जलवायु शिखर सम्मेलन में भाग लिया और भाषण भी दिया।
तिंग श्वेशांग ने अपने भाषण में कहा कि वर्तमान वर्ष पेरिस समझौता संपन्न करने की 10वीं वर्षगांठ है। वैश्विक जलवायु शासन कुंजीभूत चरण में दाखिल हुआ है। चीन ने वर्ष 2030 स्वैच्छिक योगदान के कार्यांवयन में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में 20वीं सीपीसी केंद्रीय कमेटी के चौथे पूर्णाधिवेशन में भावी पाँच साल में चीनी आर्थिक व सामाजिक विकास योजना के सुझाव पर विचार कर उसे पारित किया, जिसमें सुंदर चीन
के निर्माण के बारे में महत्वपूर्ण इंतजाम किया गया। चीन हरित परिवर्तन में तेजी लाएगा और सक्रिय व स्थिर रूप से कार्बन पीक बढ़ाएगा ताकि जलवायु परिवर्तन के निपटारे के लिए अधिक योगदान दिया जाए।
तिंग ने कहा कि वर्तमान मानव नये चौराहे पर खड़ा है। इसकी ज़रूरत है कि विभिन्न पक्ष सच्चे बहुपक्षवाद पर कायम रहकर एकजुटता मजबूत करेंगे और वैश्विक जलवायु शासन को स्थिरता से दूर तक बढ़ाएंगे। उन्होंने तीन सुझाव पेश किये, जिनमें सही दिशा पर कायम रहना, जलवायु एक्शन को अमल में लाना और खुलापन व सहयोग गहराना शामिल हैं।
सम्मेलन के दौरान तिंग श्वेशांग ने यूएन महासचिव गुटेरेस से मुलाकात की। उस दिन उन्होंने निमंत्रण पर ब्राजील के राष्ट्रपति लूला द्वारा आयोजित फॉरएवर ट्रॉपिकल रेन फॉरेस्ट कोष थीम वाले दोपहर भोज में भाग लेकर भाषण दिया। उन्होंने कहा कि चीन विभिन्न पक्षों के साथ उष्णकटिबंधीय वर्षा वन की सुरक्षा का सहयोग चलाने को तैयार है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)