मुंबई : नीति आयोग के सीईओ बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम ने कहा कि अमरीका-भारत व्यापार वार्ता महीने के अंत तक सफल हो सकती है। उन्होंने कहा कि देश को अपनी निवेश दर को जीडीपी के 35-36} तक बढ़ाना होगा, जो वर्तमान में लगभग 30-31% है। उन्होंने बताया कि नैशनल मैन्युफैरिंग मिशन नवंबर तक चालू होगा, जिसमें 15 सैक्टर्स पर आधारित 75 स्थानों पर सेक्टोरल क्लस्टर बनाकर वैश्विक स्तर के मैन्युफैरिंग हब स्थापित करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था में मजबूत और आकर्षक बनाती है।
आकार, बाजार गहराई, इनोवेशन क्षमता और टैलेंट के कारण देश दुनिया के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। सुब्रह्मण्यम ने कहा कि विकसित राष्ट्र का दर्जा पाने के लिए खुलेपन, नीतिगत निरंतरता और कौशल विकास पर फोकस जरूरी है। उन्होंने कहा कि व्यापार सुगमता के लिए नौकरशाही कम करनी होगी और ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कौशल और शिक्षा को सबसे महत्वपूर्ण निवेश बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय छात्र औसतन 6-7 साल पढ़ते हैं, जबकि दक्षिण कोरिया में यह अवधि 13-14 साल है।
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