नई दिल्ली: अगर आप जिम में घंटों पसीना बहा रहे हैं और सख्त डायट फॉलो कर रहे हैं, लेकिन फिर भी वजन नहीं घट रहा, तो इसका कारण आपकी नींद हो सकती है। सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा के अनुसार, वजन घटाने में सबसे बड़ा बदलाव नींद से ही आता है।
रिसर्च बताती है कि समय पर सोना और पूरी नींद लेना इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ाता है, भूख बढ़ाने वाले हार्मोन घ्रेलिन को कम करता है और शरीर में फैट बर्न की प्रक्रिया तेज करता है। अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार, आज के समय में लोग बेहतर नींद से वंचित हैं। पहले लोग औसतन 9 घंटे सोते थे, लेकिन अब अधिकांश केवल साढ़े 6 घंटे सो पाते हैं। लगभग 30% वयस्क रात में 6 घंटे से भी कम सोते हैं।
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लगातार काम, मोबाइल और टीवी की रोशनी, 24 घंटे चलती अर्थव्यवस्था और तनाव ने शरीर की प्राकृतिक नींद की प्रक्रिया को बिगाड़ दिया है। इससे मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ता है, हार्मोन असंतुलित होते हैं, भूख बढ़ाने वाला हार्मोन घ्रेलिन बढ़ता है और भूख कम करने वाला हार्मोन लेप्टिन घट जाता है। नतीजा: अधिक खाने की प्रवृत्ति, खासकर मीठा और जंक फूड। इंसुलिन सही से काम नहीं करता, ब्लड शुगर बढ़ता है और डायबिटीज का खतरा भी बढ़ता है।
पूजा मखीजा के अनुसार, सात से आठ घंटे की गहरी नींद शरीर को रीसेट करती है, भूख नियंत्रित करती है और मोटापा और मधुमेह से बचाती है। डायट और एक्सरसाइज के साथ सही नींद ही वजन घटाने की असली कुंजी है।
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