
नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनावों की मतगणना जारी रहने के बीच शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की झिझक साफ नजर आई। राजनीतिक हलचल और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने मिलकर घरेलू सेंटीमेंट को दबाव में डाला। एग्जिट पोल्स में एनडीए को बढ़त मिलने और केंद्र में स्थिर सरकार की उम्मीदें जताई गई थीं, लेकिन इसके बावजूद बाजार ने कमजोर शुरुआत की, जिसने निवेशकों को हैरान किया।
कमजोरी के साथ बाजार की शुरुआत
शुक्रवार सुबह ट्रेडिंग खुलते ही निफ्टी 50 करीब 77 अंक गिरकर 25,801 पर पहुंच गया। वहीं बीएसई सेंसेक्स 231 अंक टूटकर 84,247 पर खुला। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतिम नतीजों के स्पष्ट होने तक बाजार में सतर्कता बनी रहेगी।
बिहार चुनाव के रुझानों पर बाजार की नजर
मतों की गिनती के शुरुआती चरण में एनडीए को बढ़त मिलती दिख रही है। हालांकि निवेशक अंतिम परिणाम आने तक बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं राजनीतिक स्थिरता की उम्मीद होने के बावजूद अंतिम तस्वीर स्पष्ट न होने से बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
वैश्विक संकेतों से दबाव
अमेरिकी बाजारों में गुरुवार को जोरदार सेलिंग देखने को मिली, जिसका असर एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी पड़ा। Nasdaq Composite में 2% से ज्यादा की गिरावट ने वैश्विक सेंटीमेंट को कमजोर किया। अमेरिकी सरकार के संभावित शटडाउन को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ जाती है, जिससे जोखिम लेने की इच्छा कम होती दिख रही है।

एशियाई बाजारों में गिरावट
शुक्रवार को एशियाई इंडेक्स भी लाल निशान में रहे—
Nikkei 225 में 1.85% की गिरावट
Topix 1.03% नीचे
दक्षिण कोरिया का Kospi 2.29% टूटा
Kosdaq 1.42% लुढ़का
अमेरिकी बाजारों की गिरावट का सीधा असर एशियाई ट्रेडिंग पर देखा गया।
डॉलर और क्रूड के संकेत
यूएस डॉलर इंडेक्स (DXY) सुबह 99.30 के आसपास स्थिर रहा, जो बाजार को खास राहत नहीं दे पाया। कच्चे तेल की कीमतें शुरुआती मजबूती के बाद फिर दबाव में आईं और लगातार तीसरे सप्ताह गिरावट की ओर बढ़ रही हैं। सप्ताह भर में क्रूड लगभग 1.4% नीचे जाने की ओर है।