चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार, पंजाब से नशे की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए पंजाब पुलिस ने आज युद्ध नशियां विरुद्ध के तहत राज्य भर में नशीली दवाओं के हॉटस्पॉट यानी नशीली दवाओं और नशीले पदार्थों की बिक्री के स्थानों पर राज्यव्यापी घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) चलाया। यह नशा विरोधी अभियान का 262वां दिन था।
28 जिलों में पुलिस ने चलाया अभियान
पुलिस महानिदेशक (DGP) पंजाब गौरव यादव के निर्देश पर राज्य के सभी 28 जिलों में पुलिस ने एक साथ CASO चलाया गया। दिन भर चले अभियान के दौरान, पुलिस टीमों ने राज्य भर में 391 चिन्हित नशा प्रभावित क्षेत्रों में छापेमारी की और 67 प्राथमिकी दर्ज कर 79 लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार नशा तस्करों के कब्जे से पुलिस टीमों ने 4.3 किलोग्राम हेरोइन, 971 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 3.16 लाख रुपये की ड्रग मनी भी बरामद की।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पुलिस आयुक्तों, उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के निर्देश दिए हैं। पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ अभियान की निगरानी के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में एक 5 सदस्यीय कैबिनेट उप समिति का भी गठन किया है।
अर्पित शुक्ला की निगरानी में चला अभियान
विशेष पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था अर्पित शुक्ला, जो व्यक्तिगत रूप से अभियान की निगरानी कर रहे थे, ने बताया कि 79 राजपत्रित अधिकारियों की निगरानी में 3000 से अधिक पुलिसकर्मियों वाली 400 से अधिक पुलिस टीमों ने यह अभियान चलाया।
राज्य भर में 24,809 एफआईआर दर्ज
उन्होंने बताया कि 1 मार्च, 2025 को शुरू किए गए ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के तहत राज्य भर में 24,809 एफआईआर दर्ज कर 36,901 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और नशा तस्करों के कब्जे से 1604 किलोग्राम हेरोइन, 557 किलोग्राम अफीम, 263 क्विंटल चूरापोस्त, 529 किलोग्राम गांजा, 41.39 लाख नशीली गोलियां/कैप्सूल, 14 किलोग्राम आईसीई और 14.42 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है। राज्य सरकार ने राज्य से नशे के उन्मूलन के लिए तीन-आयामी रणनीति – प्रवर्तन, नशामुक्ति और रोकथाम (ईडीपी) – लागू की है। पंजाब पुलिस ने ‘नशामुक्ति’ अभियान के तहत आज 45 लोगों को नशामुक्ति और पुनर्वास उपचार के लिए राजी किया है।
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