नई दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए मौसम का अपडेट जारी किया है। कई राज्यों में बहुत ज्यादा ठंड पड़ने वाली है। 20 नवंबर को पश्चिम मध्य प्रदेश में कड़ाके की शीतलहर और कई जगह गंभीर शीतलहर पड़ेगी। 21 नवंबर को भी कुछ जगहों पर ठंड का असर बना रहेगा।
IMD ने बताया कि मध्य महाराष्ट्र, पूर्वी मध्य प्रदेश और तेलंगाना में भी 20 नवंबर को ठंडी हवाएं चलेंगी। पिछले 24 घंटों में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री तक कम रहा। राजस्थान के सीकर में तापमान 5.5 डिग्री तक गिर गया, जो मैदानी इलाकों में सबसे कम है।
अंडमान-निकोबार में बहुत भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने बताया कि 21 नवंबर को अंडमान-निकोबार में बहुत ज्यादा बारिश होगी। वहां 23 नवंबर तक लगातार बारिश जारी रहने की संभावना है। साथ ही, तमिलनाडु, केरल, लक्षद्वीप और आंध्र प्रदेश में 25 नवंबर तक कई जगह भारी बारिश हो सकती है। पिछले 24 घंटों में तमिलनाडु के कई जिलों में 20 सेमी से भी ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
दिल्ली–NCR में ठंड…
दिल्ली में पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 1 डिग्री कम हुआ जबकि न्यूनतम तापमान 1 डिग्री बढ़ा हुआ रहा।
-अधिकतम: 24–26°C
-न्यूनतम: 10–11°C
20 से 22 नवंबर के बीच सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा। दिन में धीमी–तेज हवा चल सकती है। तापमान अधिकतम 25–27°C और न्यूनतम 9–12°C के बीच रहेगा।
कई राज्यों में बारिश और कोहरे का असर
तमिलनाडु, केरल, लक्षद्वीप में कई जगह भारी बारिश दर्ज हुई। तमिलनाडु के तिरुनेलवेली और तेनकासी में 20–23 सेमी बारिश हुई। केरल के कोट्टायम, अलपुझा, एर्नाकुलम में 7–19 सेमी बारिश दर्ज हुई। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में निम्न दबाव और चक्रवाती हवाएं सक्रिय हैं 22 से 24 नवंबर के बीच बंगाल की खाड़ी में सिस्टम और ज्यादा मजबूत हो सकता है।
मछुआरों के लिए चेतावनी
IMD ने मछुआरों को 24 नवंबर तक सावधानी बरतने की सलाह दी है। अरब सागर में दक्षिण केरल तट, लक्षद्वीप, मालदीव और कोमोरिन क्षेत्र में न जाएं। बंगाल की खाड़ी में भी समुद्र की स्थिति खराब रहेगी, इसलिए यहां भी नाव लेकर न उतरें।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
तमिलनाडु धान, मूंगफली और गन्ने के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें। केले के पौधों को गिरने से बचाने के लिए सहारा दें। धान, सब्जियों और मसालों के खेतों से पानी निकालें। केले के पौधों को सपोर्ट दें। धान की कटाई की हुई फसल को सुरक्षित जगह रखें। भारी बारिश में दाल और तिलहन की बुवाई न करें।
ठंड के समय फसलों की सुरक्षा
ठंड से बचाने के लिए शाम को हल्की सिंचाई करें। सब्जी की नर्सरी और छोटे पौधों को पॉलिथीन या पुआल से ढकें। केले के गुच्छों पर प्लास्टिक कवर चढ़ाएं ताकि ठंड से नुकसान न हो।
पशुपालकों के लिए सुझाव
-ठंड में पशुओं को रात में गरम और ढके हुए शेड में रखें।
-सूखा बिछावन (सूखी घास या भूसा) दें।
-पोल्ट्री में चूजों के लिए कृत्रिम रोशनी और गर्माहट का इंतज़ाम करें।
मेष: दिन शुभ रहेगा...