Last Updated: November 5, 2026

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घाव में टांके की जगह भरा Feviquik, रातभर दर्द से तड़पता रहा मासूम; फिर…

November 21, 2025

घाव में टांके की जगह भरा Feviquik, रातभर दर्द से तड़पता रहा मासूम; फिर…

नेशनल डेस्क: मेरठ शहर में डॉक्टर की लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। जागृति विहार एक्सटेंशन में रहने वाले जसपिंदर सिंह के ढाई साल के बेटे मनराज को घर में खेलते समय टेबल का किनारा लग गया, जिससे उसकी आंख के पास गहरा कट लग गया। परिजन बच्चे को तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन जो उपचार वहां मिला उसने सबको स्तब्ध कर दिया।

जहां लगने थे टांके, वहां लगा दी गोंद!

परिवार का कहना है कि डॉक्टर ने गंभीर चोट के बावजूद टांके लगाने से इनकार करते हुए घाव में केवल 5 रुपये वाली फेविक्विक की बोतल उंडेल दी। डॉक्टर बार-बार आश्वस्त करते रहे कि सब ठीक है, लेकिन बच्चा पूरी रात दर्द से तड़पता रहा और उसकी हालत बिगड़ती चली गई।

लोकप्रिया अस्पताल में तीन घंटे की जद्दोजहद

अगली सुबह जब बच्चे को लोकप्रिया अस्पताल ले जाया गया, तो विशेषज्ञ डॉक्टरों को फेविक्विक को घाव से निकालने में करीब तीन घंटे लग गए। गोंद हटने के बाद ही असल चोट दिखाई दी, जिसके बाद तुरंत चार टांके लगाए गए। डॉक्टरों ने स्पष्ट कहा कि यदि चिपकने वाला रसायन बच्चे की आंख में चला जाता, तो उसकी दृष्टि को स्थायी नुकसान पहुंच सकता था।

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CMO ने बनाई जांच समिति

मामले की गंभीरता को देखते हुए मेरठ के CMO डॉ. अशोक कटारिया ने एक विशेष जांच समिति गठित कर दी है। समिति यह पता लगाएगी कि इलाज करने वाला डॉक्टर योग्य था या नहीं, अस्पताल में इमरजेंसी सुविधाएं उपलब्ध थीं या नहीं, और किस तरह की लापरवाही हुई। रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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