
अमृतसर: श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी और उनके अनन्य सेवकों भाई मती दास जी, भाई सती दास जी और भाई दियाला जी के 350वें शहीदी वर्ष को समर्पित लाल किला में होने वाले विशाल समागमों की औपचारिक शुरुआत 23 नवंबर को होने से पहले, आज गुरुद्वारा सीसगंज साहिब से लाल किले तक बनाए गए कॉरिडोर की सफाई की सेवा दिल्ली की हज़ारों संगतों ने दिल्ली के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरमीत सिंह कालका और जनरल सैक्रेटरी जगदीप सिंह काहलों की अगुवाई में की।
इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते सिरसा, कालका और काहलों ने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि गुरु साहिब ने हम पर मेहर की और 350वां शहीदी वर्ष हमारे जीवनकाल में आया है तथा इस पवित्न दिवस पर हमें यह सेवा करने का सुयोग प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया देख रही है कि केवल दिल्ली ही नहीं बल्किदेश-विदेश की संगत गुरु तेग बहादुर साहिब जी और उनके अनन्य सेवकों भाई मती दास जी, भाई सती दास जी और भाई दियाला जी के 350वें शहीदी वर्ष पर बहुत बड़े स्तर पर समागम करवा कर अपनी श्रद्धा के फूल भेंट कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसा सुयोग्य समय बहुत भाग्यशाली लोगों को ही नसीब होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में इन समागमों का आयोजन करना और ऐसे कॉरिडोर की सफाई की सेवा का अवसर मिलना अपने आप में बहुत महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि वे दिल्ली की सभी संगतों के दिल से आभारी हैं जिन्होंने हज़ारों की संख्या में एकत्न होकर इस सेवा में हिस्सा लिया और लाल किला, जहां से गुरु साहिब की शहादत का फ़रमान जारी किया गया था, वहां गुरु साहिब को याद करते हुए होने वाले समागमों में लाखों की संख्या में संगत हाज़िरी भर रही हैं।
उन्होंने कहा कि यह गुरु साहिब का ही चमत्कार है कि जिस तख्त से गुरु साहिब को शहीद करने का फ़रमान हुआ था, आज उसी तख्त पर गुरु साहिब को याद करते हुए लाखों की गिनती में संगत नतमस्तक हैं, जबकि फ़रमान जारी करने वालों को आज याद करने वाला एक भी व्यक्ति दुनिया में नहीं है। उन्होंने कहा कि युगों-युगों तक संगत गुरु साहिब की अनुपम शहादत को याद करती रहेगी क्योंकि मानवता के रखवाले गुरु तेग बहादुर साहिब की शहादत के कारण ही आज के भारत का वर्तमान स्वरूप है और इस शहादत का ऋण कभी भी चुकाया नहीं जा सकेगा।
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