नेशनल डेस्क: दुबई एयर शो के दौरान तेजस लड़ाकू विमान हादसे में विंग कमांडर नामांश स्याल शहीद हो गए। उनका पार्थिव शरीर आज तमिलनाडु के कोयम्बटूर स्थित सुलूर एयर बेस लाया गया। एयर बेस पर भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों ने उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी। माहौल गमगीन था और हर कोई एक बहादुर अधिकारी को खोने के दुख में दिखाई दिया।
विंग कमांडर नामांश स्याल तेजस फाइटर जेट उड़ाने वाले भारत के सबसे अनुभवी पायलटों में से एक थे। वे कई अहम मिशनों का हिस्सा रह चुके थे और तेजस प्रोग्राम के प्रमुख टेस्ट पायलटों में से भी गिने जाते थे। सुलूर एयर फोर्स स्टेशन पर तेजस की दो स्क्वाड्रन तैनात हैं 45 स्क्वाड्रन ‘फ्लाइंग डैगर्स’ और 18 स्क्वाड्रन ‘फ्लाइंग बुलेट्स’ और विंग कमांडर स्याल की पोस्टिंग भी यहीं थी। वायुसेना ने कहा कि उनकी बहादुरी, देशभक्ति और सेवा को हमेशा याद रखा जाएगा।
#WATCH | Tamil Nadu: The mortal remains of Wing Commander Namansh Syal, who lost his life in the LCA Tejas crash during the Dubai Air Show, were brought to Sulur Air Base in Coimbatore.
(Source: District Administration) pic.twitter.com/d7F62rzOyZ
— ANI (@ANI) November 23, 2025
अंतिम सम्मान की परंपरा
भारतीय वायुसेना में यह परंपरा है कि किसी शहीद या दिवंगत अधिकारी का पार्थिव शरीर पहले उस एयर बेस या यूनिट में लाया जाता है, जहां वह तैनात रहा हो, ताकि उसके साथी और वरिष्ठ अधिकारी अंतिम सम्मान दे सकें। इसके बाद पार्थिव शरीर को परिवार के पास ले जाया जाता है, जहां अंतिम संस्कार किया जाता है।
कैसे हुआ हादसा
यह दर्दनाक हादसा 21 नवंबर 2025 को दुबई एयर शो के आखिरी दिन अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुआ। भारतीय वायुसेना का HAL तेजस Mk-1A प्रदर्शन उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। कई सफल उड़ानों के बाद तेजस लो-लेवल मैन्यूवर कर रहा था। उसी दौरान विमान का नियंत्रण अचानक हट गया, विमान तेज़ी से पीछे की ओर घूमते हुए नोज़डाइव करता जमीन पर गिरा और जोरदार धमाके के बाद उसमें आग लग गई। हादसे में पायलट विंग कमांडर नामांश स्याल की मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस दुर्घटना ने पूरी भारतीय वायुसेना और देश को झकझोर दिया है। देश एक जांबाज और कुशल पायलट को खो बैठा है, जिसने अपनी जान जोखिम में डालकर हमेशा राष्ट्र की सेवा की।