नई दिल्ली: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने संकेत दिया है कि नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के तहत तैयार किए जा रहे आईटीआर फॉर्म और संबंधित नियमों को जनवरी 2025 तक नोटिफाई कर दिया जाएगा। CBDT प्रमुख रवि अग्रवाल के अनुसार विभाग का लक्ष्य है कि नए कानून के अनुरूप रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया को और सरल बनाया जाए, ताकि करदाताओं को अनुपालन में आसानी हो सके।
ITR फॉर्म सरल बनाने पर जोर
भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (IITF) में टैक्सपेयर लाउंज का उद्घाटन करने के बाद अग्रवाल ने बताया कि विभाग फॉर्म और नियमों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा, “हम जनवरी तक नई व्यवस्था को अधिसूचित करने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि टैक्सपेयर्स अपनी आंतरिक प्रणालियों को समय रहते अपडेट कर सकें।”
1961 के पुराने कानून की जगह लेगा नया एक्ट
संसद ने 12 अगस्त 2025 को इनकम टैक्स एक्ट, 2025 को मंजूरी दी थी। यह कानून लगभग 60 साल पुराने इनकम टैक्स एक्ट, 1961 को प्रतिस्थापित करेगा। नए एक्ट के तहत-
ITR फॉर्म, TDS की त्रैमासिक रिटर्न और अन्य संबद्ध फॉर्म को ताज़ा रूप दिया जा रहा है। डायरेक्टोरेट ऑफ सिस्टम्स और टैक्स पॉलिसी डिविजन मिलकर इन फॉर्म्स को अधिक उपयोगी और सरल बनाने पर काम कर रहे हैं। नए नियमों को लॉ डिपार्टमेंट द्वारा जांचे जाने के बाद संसद के समक्ष रखा जाएगा। इसके बाद कानून 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा।
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टैक्स कानून अब और भी आसान
नए इनकम टैक्स एक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह भाषा और संरचना को सरल बनाता है। कानून में—
-अनावश्यक प्रावधानों को हटाया गया है।
-जटिल भाषा की जगह सरल शब्दावली अपनाई गई है।
-कुल धाराओं की संख्या 819 से घटाकर 536 कर दी गई है।
-अध्यायों की संख्या 47 से घटाकर 23 की गई है।
-शब्द संख्या 5.12 लाख से घटाकर 2.6 लाख कर दी गई है।
-बेहतर स्पष्टता के लिए 39 नई सारणियाँ और 40 नए सूत्र जोड़े गए हैं।