नई दिल्ली: दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट मामले में NIA की विशेष अदालत ने चार आरोपियों की हिरासत (कस्टडी) को 10 दिन और बढ़ाने की अनुमति दे दी है। ये चार आरोपी हैं, डॉ. मुजम्मिल, डॉ. अदील, डॉ. शाहीन और मुफ्ती इरफान अहमद वगाये शामिल है।
अदालत के इस फैसले से NIA को मामले की जांच को आगे बढ़ाने और अन्य संदिग्ध कड़ियों की तलाश करने में मदद मिलेगी। NIA ने रिमांड खत्म होने के बाद सात आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया था।
#WATCH | Delhi terror blast case: Accused Dr Muzammil Shakeel Ganai, Dr Adeel Ahmed Rather, Dr Shaheen Saeed and Mufti Irfan Ahmad Wagay brought to Patiala House Court after the end of their 10-day NIA custody. pic.twitter.com/yCzVGNF4Xe
— ANI (@ANI) November 29, 2025
NIA के अनुसार, डॉ. शाहीन जैश-ए-मोहम्मद की महिला कमांडर के रूप में काम कर रही थी। इसी सिलसिले में NIA की टीम गुरुवार रात फरीदाबाद पहुंची और उससे करीब चार घंटे तक पूछताछ की। टीम ने उससे अल फलाह यूनिवर्सिटी और अन्य कई स्थानों पर जाकर निशानदेही कराई। इससे पहले NIA डॉ. मुजम्मिल को भी फरीदाबाद में लेकर आ चुकी है। सूत्रों का मानना है कि अब डॉ. आदिल को भी जल्द ही जांच के लिए यहां लाया जा सकता है।
NIA टीम डॉ. शाहीन को अल फलाह मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में कमरा नंबर 22 तक लेकर गई, जहां वह रहती थी। यहां उसके रोज़मर्रा के काम, उससे मिलने आने वाले लोग, और उसके नियमित संपर्क के बारे में सवाल पूछे गए। टीम ने कमरे के हर कोने की जांच की और उसके यूनिवर्सिटी कैंपस में रहने के दौरान की गतिविधियों को समझने की कोशिश की।
सूत्रों के मुताबिक, शाहीन को यूनिवर्सिटी की वाइस-चांसलर भूपिंदर कौर आनंद के सामने भी ले जाया गया, ताकि दोनों की पहचान करवाई जा सके। माना जा रहा है कि यह कदम इसलिए उठाया गया, क्योंकि शाहीन कैंपस में कई संदिग्ध लोगों के संपर्क में थी।
इसके बाद NIA टीम शाहीन को खोरी जमालपुर ले गई। यहाँ वह और डॉ. मुजम्मिल पति-पत्नी बनकर किराए पर रहते थे। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने वहां एक छोटी पार्टी भी रखी थी, जिसमें डॉ. उमर सहित 10 के करीब लोग शामिल हुए थे।
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