जम्मू-कश्मीर डेस्क : भारतीय रेलवे ने यात्रियों को सख्त चेतावनी जारी की है कि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की टिकट जालसाजी बिल्कुल न करें, वरना गंभीर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। बता दें कि हाल ही में सेंट्रल रेलवे ने मुंबई लोकल में ऐसे कई मामले पकड़े हैं, जिनमें यात्री UTS ऐप की असली टिकट की फोटो को एडिट कर नकली टिकट तैयार कर रहे थे। जांच में सामने आया कि कुछ लोग AI टूल्स और फोटो एडिटिंग ऐप का इस्तेमाल कर टिकट को अपनी सुविधा के हिसाब से बदल रहे थे।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह कोई साधारण गलती नहीं बल्कि गंभीर साइबर धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। इसी वजह से अब तक चार अलग-अलग FIR दर्ज की जा चुकी हैं और ऐसे मामलों को लेकर जांच तेज़ कर दी गई है। अधिकारी बताते हैं कि टिकट में की गई मामूली छेड़छाड़ भी डिजिटल धोखाधड़ी मानी जाएगी, जिसके लिए अधिकतम पाँच साल की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
सेंट्रल रेलवे ने साफ कहा है कि ट्रेन में सफर करने के लिए वैध टिकट होना अनिवार्य है। नकली टिकट न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि तकनीक के दुरुपयोग को भी बढ़ावा देता है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह का शॉर्टकट न अपनाएं और अधिकृत माध्यमों से ही टिकट खरीदें, ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
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