नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के BJP सांसदों के साथ बैठक की। इस बैठक में उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारी, राज्य की कानून-व्यवस्था और TMC के शासन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
PM मोदी ने कहा कि TMC राज में हिंसा और हमलों के मामलों को जनता के सामने ठीक तरह से रखा जाए। उन्होंने खगेन मुर्मू पर हुए हमले का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे मामलों को “असरदार तरीके से हाईलाइट” करने की जरूरत है, ताकि लोग समझ सकें कि राज्य में हिंसा किस कारण हो रही है। उन्होंने MPs से साफ-साफ बातचीत करने और जनता तक ज्यादा पहुंच बनाने पर जोर दिया। PM मोदी का कहना था कि पार्टी को जमीन पर हो रही घटनाओं का डटकर मुकाबला करना चाहिए।
PM ने सभी MPs से कहा कि वे चुनाव की रणनीति से जुड़ी डिटेल्ड प्रेज़ेंटेशन तैयार करें, राज्य में राजनीतिक गतिविधियों और संगठन की मजबूती के लिए पूरा प्लान बनाएं, और अगले विधानसभा चुनाव के लिए अभी से गंभीर तैयारी शुरू कर दें।
PM मोदी की यह बैठक ऐसे समय हुई है जब TMC राज्य में चल रहे SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) का विरोध कर रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दावा कर रही हैं कि BJP और चुनाव आयोग (ECI) BLO पर दबाव डाल रहे हैं, जिससे कई मौतें और आत्महत्याएँ हुई हैं। विपक्षी सांसद संसद में भी इस मुद्दे को उठाना चाहते हैं।
संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू के मुताबिक 8 दिसंबर को “वंदे मातरम” के 150 साल पूरे होने पर लोकसभा में चर्चा होगी, 9 दिसंबर को चुनाव सुधारों पर चर्चा की जाएगी।
विंटर सेशन के पहले दिन (1 दिसंबर) TMC सांसद सागरिका घोष ने केंद्र और चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना की। उन्होंने दावा किया पश्चिम बंगाल में अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है, कई BLO आत्महत्या कर चुके हैं, और “चुनाव आयोग के हाथ खून से सने हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले पर कोई भरोसा या टाइमलाइन देने को तैयार नहीं है, और इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा से बच रही है।
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