नेशनल डेस्क: झारखंड के लातेहार जिले सदर थाना क्षेत्र के टेमकी गांव में आयोजित जतरा मेले में चाऊमीन बिक रही थी, जिसे खान से लगभग 35 बच्चे बीमार हो गए। बच्चों को अचानक पेट दर्द, उल्टी और सिर चकराने जैसी समस्याएं होने लगीं। देखते ही देखते स्थिति काफी गंभीर हो गई और मौके पर मौजूद लोग घबरा गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पूर्व मुखिया राजेश उरांव और जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव को इसके बारे में जानकारी दी। फिर एम्बुलेंस से सभी बच्चों को तुरंत सदर अस्पताल लातेहार भेजा गया।
ये भी पढ़ें: Viral: क्या आपने देखा है ये अनोखा जानवर? कब्र खोदकर खा जाता है मुर्दों का मांस!
चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. जय प्रकाश जायसवाल ने बताया कि यह फूड पॉइजनिंग का मामला है। मेले में परोसी गई चाऊमीन बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मुख्य कारण बनी। जैसे ही बच्चे अस्पताल लाए गए, उनका तुरंत इलाज शुरू कर दिया गया। समय पर इलाज मिलने की वजह से अब सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं और उनकी स्थिति स्थिर है।
इस घटना के बाद टेमकी गांव और आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई है। बच्चों के परिजन बार-बार डॉक्टरों से संपर्क कर रहे हैं। डॉक्टरों ने आश्वासन दिया है कि चिंता की कोई बात नहीं है और सभी बच्चे जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। अधिकारियों ने अस्पताल जाकर बच्चों की स्थिति का जायजा लिया और मेले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की जांच करने का निर्देश दिया। बताया जा रहा है कि जिस स्टॉल पर चाऊमीन बेची जा रही थी, वहां साफ-सफाई की कमी थी। स्वास्थ्य विभाग अब यह कर रहा है कि खाने में मिलावट या बासी चीजों का इस्तेमाल तो नहीं किया गया था।
ये भी पढ़ें: Internet down! एक झटके में ठप हुई कई बड़ी वेबसाइट्स, Cloudflare निकला कारण
गांव के लोगों ने बताया कि जतरा मेले में बच्चों की सबसे ज्यादा भीड़ रहती है और ऐसे में अगर समय पर इलाज नहीं होता, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। गांव वालों ने प्रशासन से अपील की है कि आगे से ऐसे मेलों में खाद्य सामग्री बेचने वालों की पहले से ही जांच-पड़ताल की जाए, ताकि इस तरह की घटना दोबारा न हो। फिलहाल, अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की सतर्कता तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की तत्परता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
मेष: दिन शुभ रहेगा...