
नेशनल डेस्क। नागौर जिले के डीडवाना–कुचामन क्षेत्र में एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने लोगों को हिलाकर रख दिया। रेखा नाम की युवती, उसका पति सुरेंद्र और उसका प्रेमी राजूराम—इन तीनों के बीच चले प्रेम संबंधों के कारण सुरेंद्र की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या की योजना नागपुर से बैठकर वाई–फाई कॉल पर बनाई गई और राजस्थान की सुनसान सड़क पर उसे अंजाम दिया गया।
29 नवंबर की रात बोरवाड़ रोड पर रात में एक युवक मृत मिला। उसके गले पर तेज धारदार हथियार से कट का निशान था और पीठ पर कई वार किए गए थे। पहले यह सड़क दुर्घटना लगा, लेकिन घावों ने सच बता दिया यह सीधी हत्या थी।
शादी और शुरुआती जिंदगी
-2018 में ईटावालाखा गांव के सुरेंद्र (24) की शादी रेखा (21) से हुई।
-सुरेंद्र प्राइवेट स्कूल में शिक्षक था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।
-परिवार किसान था और शांतिपूर्ण जीवन जी रहा था।
नागपुर जाने के बाद बदली सोच
रेखा पढ़ाई के बहाने नागपुर चली गई। लेकिन असल कारण था—उसका एक और युवक से प्रेम संबंध।
कोचिंगस के दौरान राजूराम से हुई मुलाकात
2020 में कुचामन में कोचिंग करते वक्त रेखा की मुलाकात राजूराम (21) से हुई। दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और रिश्ता प्रेम में बदल गया। रेखा 2023 में बीएससी पूरी कर नागपुर पिता के पास गई, लेकिन प्रेमी से संपर्क लगातार बना रहा। रेखा को अब पति सुरेंद्र बोझ लगने लगा था। उसने प्रेमी के साथ जिंदगी बिताने का मन बना लिया था और उसी वजह से उसने खौफनाक कदम उठाया।
नागपुर में बैठकर बनाई गई हत्या की योजना
रेखा ने वाई–फाई कॉल पर प्रेमी राजूराम और उसके साथी जीवणराम (23) के साथ सुरेंद्र को खत्म करने की पूरी प्लानिंग की। योजना थी सुरेंद्र को सुनसान जगह पर रोकना। हेलमेट उतारते ही चाकू से ताबड़तोड़ वार करना। पहचान छुपाने के लिए चोरी की बाइक और नकली नंबर प्लेट का इस्तेमाल। मोबाइल बंद रखना।
सुरेंद्र को रास्ता भटकने का झांसा देकर मार डाला
रेखा ने प्रेमी को सुरेंद्र के बोरवाड़ जाने की जानकारी दी। दोनों आरोपी उसकी दिनभर रेकी करते रहे। शाम को जब सुरेंद्र रास्ते में मिला, उन्होंने उससे कहा—हम रास्ता भूल गए हैं, बताओ कहाँ जाना है, सुरेंद्र बाइक रोकर नीचे उतरा, जैसे ही उसने हेलमेट उतारा, हमला कर दिया गया। चाकू से लगातार वार किया गया। जिसके बाद पीठ और गले पर गंभीर चोट लगने के बाद मौके पर ही मौत हो गई जिसके बाद शव झाड़ियों में फेंक दिया ताकि दुर्घटना जैसा लगे।
रात में घरवालों को मिली अधूरी खबर
जब सुरेंद्र घर नहीं पहुंचा तो परिजन परेशान हुए। रात में पुलिस का फोन आया कि सड़क हादसे में घायल मिला है। अस्पताल पहुंचकर परिवार को पता चला कि वह मर चुका है। पीठ के गहरे घावों ने परिवार का शक और बढ़ाया और उन्होंने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई।
रेखा का नकली शोक और पुलिस की नजर
रेखा नागपुर से फ्लाइट लेकर पहली बार ससुराल आई। वह रोने-धोने का नाटक कर रही थी, लेकिन पुलिस को उसकी हरकतें अटपटी लगीं। शादी के सात साल में पहली बार ससुराल आना। पति की मौत पर ही अचानक आने का फैसला। यह बात पुलिस को सोचने पर मजबूर कर गई।
पुलिस की जांच में हत्या का सच सामने आया
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गले पर तेज धारदार हथियार का घाव से स्पष्ट हुआ हत्या का मामला।
सीसीटीवी से मिली सुराग
सीसीटीवी में बाइक पर दो युवक दिखेष जिस पर नकली नंबर प्लेट लगाया था। जिसके बाद संदेह जीवणराम पर गया। हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सख्ती में उसने पूरी साजिश कबूल ली। उसके बाद पुलिस ने राजूराम और रेखा को भी गिरफ्तार कर लिया। तीनों को 7 को गिरफ्तार हुए। यह भी सामने आया कि हत्या से पहले रेखा ने ही डी-मार्ट से नया चाकू खरीदने की सलाह दी थी—जिसका इस्तेमाल हत्या में किया गया।
कैसे पनपा यह प्रेम और अपराध
-रेखा–सुरेंद्र की शादी 2018 में हुई, लेकिन गौना नहीं हुआ।
-2020 में कुचामन में रहकर रेखा की नजदीकियां बढ़ीं।
-2023 में दोनों ने तय कर लिया कि सुरेंद्र को हटाने के बिना वे साथ नहीं रह सकते।
-इसके बाद हत्या की प्लानिंग शुरू हुई।
पुलिस ने निकाली आरोपियों की परेड
गच्छीपुरा थाना पुलिस ने राजूराम और जीवणराम का जुलूस निकालकर सख्ती का संदेश दिया। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
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