
सोनीपत के गंगाना गांव में इशिका की मौत का सच सामने आते ही परिवार में सन्नाटा है। बच्ची का मामला अब फिर चर्चा में है क्योंकि जांच में हत्या की पुष्टि हो चुकी है।
भावड़ गांव में 12 जनवरी 2023 को पानी के टैंक में इशिका और उसके ममेरे भाई शुभम के शव मिले थे। उस समय स्थानीय लोगों ने इसे हादसा माना था। परिवार भी इसी धारणा में था।
दादी प्रेमो कहती हैं कि घटना के बाद घर का माहौल बदल गया था। उन्होंने दूसरी पोती इशु को ननिहाल भेजना तुरंत रोक दिया। यह फैसला बिना सबूत के डर से लिया गया था।
परिवार बताता है कि इशिका घटना से कुछ देर पहले सामान्य थी। अचानक मिली मौत की सूचना ने रिश्तेदारों को विचलित कर दिया। तब किसी को अपराध की आशंका नहीं थी।
मामला उस समय पलटा जब पुलिस पूछताछ में पूनम ने कई विरोधाभासी बयान दिए। जांच टीम ने शादी के वीडियो, उपस्थित महिलाओं और घटनास्थल के हालात की गहन समीक्षा की।
पूनम की भीगी साड़ी और समय-निर्धारण में गड़बड़ी ने संदेह मजबूत किया। सख्त पूछताछ में उसने वारदात स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार उसने पानी में डुबोकर हत्या की थी।
पूनम पर पिछले ढाई वर्षों में चार बच्चों की हत्या के आरोप भी दर्ज हैं। इनमें एक उसका अपना बेटा और बाकी तीन भतीजियां शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि सुंदर दिखने वाली बच्चियों के प्रति उसकी शत्रुता इस अपराध की वजह बनी।
परिवार अब कोर्ट से कड़ी सजा की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि इशिका की मौत ने उनकी सोच और सुरक्षा को हमेशा के लिए बदल दिया है।