अमृतसर: पंज सिंह साहिबान की बैठक में श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने फैसला लेने उपरांत सिखों के विलक्षण अस्तित्व के खिलाफ जाने पर जीएनडीयू के वीसी करमजीत सिंह को श्री अकाल तख्त साहिब से धार्मिक सजा लगाई है। ज्ञानी कुलदीप सिंह ने बताया कि बीते दिनों करमजीत सिंह द्वारा उनके समक्ष पेश होकर अपना स्पष्टीकरण दिया था। 8 दिसंबर को उनको श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब किया गया था। उन्होंने पेश होकर माफी मांगी है। उनको माफी देते हुए धार्मिक सजा सुनाई गई है जिसमें करमजीत सिंह सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के लंगर घर में दो दिन एक घंटा संगत के जूठे बर्तन साफ करेंगे और एक घंटा संगत के जोड़े झाड़ेंगे।
पांच दिन हर रोज नितनेम के अलावा श्री जपुजी साहिब, आसा दी वार, सवैये का एक पाठ करेंगे। इसके अलावा श्री अकाल तख्त साहिब के पंज सिंह साहिबान ने वीसी करमजीत सिंह ‘हम हिंदू नहीं’ भाई काहन सिंह नाभा की पुस्तक पढ़ेंगे और संगत में इसकी 500 कापियां वितरित करेंगे। सजा मुकम्मल करने उपरांत वीसी 1100 रुपए की कड़ाह प्रसाद की देग श्री अकाल तख्त साहिब में चढ़ाकर 1100 रुपए गोल्क में डालकर क्षमा याचना की अरदास करवाएंगे। ज्ञानी कुलदीप सिंह ने बताया कि वीसी करमजीत सिंह पर श्री अकाल तख्त पर संगत द्वारा भेजे गए आरोप पत्र में आरोप लगाया गया था कि दक्षिण भारत में हुए एक समागम में गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में एक चेयर के शोध कार्यों द्वारा सिखों के विलक्षण अस्तित्व की विरोधता की थी।
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