करनाल में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। ड्रग्स कंट्रोल विभाग और हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए कैथल रोड स्थित एक मेडिकल स्टोर पर ताला जड़ दिया है। सेंट्रल जेल के सामने चल रहे ‘मेसर्स गुरु नानक मेडिकल स्टोर’ पर बिना डॉक्टर की पर्ची और रिकॉर्ड के प्रतिबंधित दवाएं बेचने का आरोप है।
ड्रग्स कंट्रोल अधिकारी विकास राठी और एएसआई बलविंदर सिंह की अगुवाई में टीम ने जब दुकान के स्टॉक और दस्तावेजों की पड़ताल की, तो भारी अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पता चला कि यह फर्म अप्रैल 2025 से लेकर अब तक ‘फेनिरामाइन मेलिएट’ इंजेक्शन (100 एमएल) की करीब 1500 वायल खरीद चुकी थी।
हैरानी की बात यह है कि पशु चिकित्सा (वेटरिनरी) में इस्तेमाल होने वाले इन इंजेक्शनों का कोई बिक्री रिकॉर्ड स्टोर संचालक के पास नहीं मिला। अधिकारियों के मुताबिक, इन इंजेक्शनों का इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जा रहा था, और इसे अवैध रूप से खपाया गया है। इसके अलावा, मौके से ब्यूप्रेनोर्फिन की 20 गोलियां भी बरामद हुईं, जिनका कोई बिल या रिकॉर्ड मौजूद नहीं था।
मौके पर ही कार्रवाई करते हुए टीम ने मेडिकल स्टोर को पूरी तरह से सील कर दिया है और दो दवाओं के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे हैं। ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि दवा की आड़ में नशा बेचने वालों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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