
नेशनल डेस्क: बांदा पुलिस ने एक मां को वह खुशी वापस दिला दी, जिसकी उम्मीद उसने लगभग छोड़ दी थी। दस साल पहले सिर्फ 6 साल की उम्र में अमावस्या मेले की भीड़ में अपनी मां से बिछड़ा बच्चा अब 16 साल का होकर मिला है। जैसे ही मां को बेटे के मिलने की खबर मिली, वह गुजरात से बिना टिकट ट्रेन में बैठकर तुरंत बांदा पहुंच गई। स्टेशन पर जब मां और बेटे की मुलाकात हुई, तो दोनों फूट-फूटकर रो पड़े। यह भावुक नजारा देखकर आसपास मौजूद लोग भी अपनी आंखें नहीं रोक पाए।
यह घटना साल 2015 की है, जब चित्रकूट में मजदूरी करने वाली मां का बेटा मेले की भीड़ में गुम हो गया था। मां ने उसे हर जगह खोजा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। धीरे-धीरे मां की उम्मीद टूटने लगी, लेकिन दिल से वह हमेशा चाहती थी कि उसका बेटा कभी ना कभी लौट आए।
कुछ महीने पहले, बांदा जिले के मटौंध थाना इलाके में रेलवे लाइन के पास एक लड़का अकेला भटकता मिला। पुलिस ने उसे थाने ले जाकर पूछताछ की, तो बच्चे ने बताया कि वह मर्का थाना क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस ने उसके परिजनों को खोजने की कोशिश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
काफी जांच के बाद पता चला कि बच्चे की मां गुजरात में मजदूरी करती है। पुलिस ने तुरंत उसे खबर दी। मां यह सुनकर सब कुछ छोड़ बांदा पहुंची और बेटे को गले लगाकर रो पड़ी। मां को रोता देख बेटा भी भावुक होकर सुबकने लगा।
मां संगीता ने बताया कि वह दस साल से बेटे को खोज रही थी। उसका यही एक बच्चा था। आरोप है कि बच्चा ललितपुर में था और उसे कुछ लोग वहां ले गए थे। अब जब बांदा पुलिस अधीक्षक पॉलाश बंसल और उनकी टीम ने उसे ढूंढकर मां को सौंपा, तो पुलिसकर्मी भी भावुक हो गए।
ASP शिवराज ने बताया कि बाल संरक्षण टीम ने बच्चे को उसकी मां के हवाले कर दिया है। जिन लोगों ने बच्चे को ले गया था, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है।