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नवी मुंबई में शिक्षा क्षेत्र में नई पहल शुरू, 5वीं कक्षा से AI और इनोवेशन की पढ़ाई शुरू

December 16, 2025

नवी मुंबई में शिक्षा क्षेत्र में नई पहल शुरू, 5वीं कक्षा से AI और इनोवेशन की पढ़ाई शुरू

नेशनल डेस्क। नवी मुंबई के शिरवणे विद्यालय एवं जूनियर कॉलेज में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल शुरू हुई है। यहां एनएक्सप्लोरर्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और साइंस लैब का भव्य उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर शिक्षा जगत, विद्यालय प्रबंधन और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

यह लैब छात्रों की वैज्ञानिक सोच, नवाचार क्षमता और समस्या समाधान कौशल को मजबूत करने के उद्देश्य से स्थापित की गई है। पिछले वर्ष आईआईटी बॉम्बे में आयोजित टेकफेस्ट में एशिया के 12 देशों के छात्रों ने भाग लिया था। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शिरवणे विद्यालय के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया था। विद्यालय की छात्राओं ने नारियल पानी और पत्तेदार सब्जियों के उपयोग से इको-लेदर तैयार किया था और उससे कई उपयोगी उत्पाद विकसित किए थे। इस अभिनव प्रयोग को देश और विदेश में खूब सराहा गया।

छात्रों की इसी रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रभावित होकर लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन और शेल एनएक्सप्लोरर्स के संयुक्त सहयोग से विद्यालय में इस आधुनिक साइंस और एआई लैब की स्थापना की गई। उद्घाटन समारोह में विद्यालय प्रबंधन प्रमुख डॉ. राजेश पाटील, प्राचार्या भाग्यश्री चौधरी, शिक्षकगण और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि यह प्रयोगशाला छात्रों को किताबों से आगे ले जाकर प्रायोगिक शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार की ओर प्रेरित करेगी।

इस अवसर पर लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर साईंराम ने आईएएनएस से बताया कि नेक्स्ट फ्लोरिश प्रोग्राम शेल की एक वैश्विक पहल है, जिसे दुनिया के 20 से अधिक देशों में लागू किया जा रहा है। भारत में यह कार्यक्रम दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तमिलनाडु सहित पांच राज्यों में चल रहा है। यह कार्यक्रम छात्रों को खाद्य, जल और ऊर्जा जैसी वास्तविक समस्याओं के समाधान खोजने के लिए प्रशिक्षित करता है।

साईंराम के अनुसार, इस कार्यक्रम की खासियत इसकी नेक्स्ट फ्लोरिश मेथडोलॉजी है, जो सिस्टम थिंकिंग, सिनेरियो प्लानिंग और थ्योरी ऑफ चेंज का समन्वय है। इसे संक्षेप में ‘नेक्स्ट थिंकिंग’ कहा जाता है। इसके तहत छात्र एक्सप्लोर, क्रिएट और चेंज के तीन चरणों से गुजरते हैं और कनेक्शन सर्कल, पर्सपेक्टिव सर्कल, सिनेरियो प्लानिंग क्वाड्रेंट और फिजिबिलिटी फनल जैसे टूल्स का उपयोग करते हैं। इसी प्रक्रिया से प्रेरित होकर छात्रों ने नारियल पानी से इको-लेदर विकसित किया, जिससे पारंपरिक लेदर उद्योग से होने वाले जल प्रदूषण की समस्या का समाधान खोजने का प्रयास किया गया।

विद्यालय प्रबंधक एवं भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश पाटिल ने कहा कि यह लैब छात्रों के लिए भविष्य की शिक्षा का द्वार खोलेगी। अब जो उन्नत शिक्षा आमतौर पर 12वीं के बाद मिलती थी, वह पांचवीं कक्षा से ही छात्रों को मिलने लगेगी। इससे छात्रों में इनोवेटिव और क्रिएटिव माइंडसेट विकसित होगा। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि शिरवणे विद्यालय भारत का पहला स्कूल है, जिसे इस तरह का एआई और नेक्स्ट फ्लोरिश सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का अवसर मिला है। यह अत्याधुनिक लैब कक्षा 5वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए लाभकारी होगी और उन्हें विज्ञान को केवल पढ़ने के बजाय सीखने का अवसर देगी।

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