जालंधर: पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने आज जालंधर में नॉर्दर्न इंडिया रीजनल काउंसिल व इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के साझा दो दिन की सब-रीजनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि मुझे यह जानकर खुशी हुई कि नॉर्दर्न इंडिया रीजनल काउंसिल ने इंस्टीट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया के साथ मिलकर दो दिन की सब-रीजनल कॉन्फ्रेंस ऑर्गनाइज़ की है। आज के तेज़ी से बदलते ग्लोबल माहौल में कंसल्टिंग फर्मों की भूमिका महत्वपूर्ण है। NIRC और ICAI दोनों ही ग्लोबल मौजूदगी वाले लीडिंग ऑर्गनाइज़ेशन हैं और एडवाइज़री और कंसल्टेंसी के क्षेत्र में बहुत अच्छी सर्विस दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि नॉर्दर्न इंडिया री नॉर्दर्न इंडिया रीजनल काउंसिल के बारे में NIRC हरियाणा, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, NCT दिल्ली, पंजाब और चंडीगढ़ में 75,000 से ज़्यादा चार्टर्ड अकाउंटेंसी प्रोफेशनल्स और 1.26 लाख स्टूडेंट्स की एक मज़बूत कम्युनिटी को एक साथ लाता है। ICAI हमें गर्व महसूस कराता है कि यह दुनिया भर में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की दूसरी सबसे बड़ी प्रोफेशनल बॉडी है, जिसमें 8.5 लाख से ज़्यादा स्टूडेंट्स और लगभग 4.15 लाख मेंबर्स हैं”

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकॉनमी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश ने 2047 तक एक डेवलप्ड देश बनने का वादा किया है। भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकॉनमी बन गया है। और हम 2030 तक $7.3 ट्रिलियन की अनुमानित GDP के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बनने की राह पर हैं। कोई हैरानी नहीं अगर हम 2030 से बहुत पहले तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बन जाएं। आने वाले सालों में भारत कुल ग्लोबल ग्रोथ में 20 परसेंट का योगदान देगा। पिछले एक दशक से, मोदीजी के नेतृत्व में भारत लगातार सोशियो-इकोनॉमिक तरक्की के रास्ते पर है, जो हमारे मंत्र: रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म से गाइडेड है। एक बार हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने कहा था, ‘एक चार्टर्ड अकाउंटेंट का सिग्नेचर प्रधानमंत्री के सिग्नेचर से ज़्यादा ताकतवर होता है। यह आपके सिग्नेचर की ताकत के बारे में नहीं, बल्कि उसकी ईमानदारी के बारे में बताता है।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि चाहे महिलाओं और सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े ग्रुप को मज़बूत बनाना हो, इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना हो, फ़ाइनेंशियल सुधार लाना हो, स्टार्ट-अप को बढ़ावा देना हो, या रिसर्च और डेवलपमेंट को सपोर्ट करना हो, हमारे देश की लीडरशिप का मकसद बहुत साफ है। PM से लेकर लोगों तक, भारत को एक डेवलप्ड देश बनाना हम सबका सपना है।
हम एक सुस्त इकॉनमी से प्रोग्रेसिव इकॉनमी की ओर, कैश से लेस-कैश इकॉनमी की ओर बढ़े हैं और ऐसी स्थिति में जहाँ लोग टैक्स फाइल करते हैं, यह देश बनाने में एक योगदान है। यह इस बात से साफ़ है कि 2014-15 और 2023-24 के बीच टैक्स देने वालों की संख्या में 82% की बढ़ोतरी हुई है। 2014-15 में सिर्फ़ 5.7 करोड़ लोग अपना टैक्स देते थे। 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 10.4 करोड़ हो गई। इसी तरह, डायरेक्ट टैक्स रिसीट में 182% की बढ़ोतरी हुई। आज, भारत में 1.85 लाख DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप हैं, जो 17.6 लाख युवाओं को रोज़गार दे रहे हैं। स्टार्ट-अप में यह ज़बरदस्त बढ़ोतरी एक अच्छे और सपोर्टिव एंटरप्रेन्योरियल इकोसिस्टम की वजह से है। हमारे पास लगभग 10,244 फिनटेक एंटिटी हैं, जो दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी हैं। यह सब दिखाता है कि भारत में इकॉनमी और लोगों की कमाई बढ़ रही है और एंटरप्रेन्योरशिप एक नया नॉर्म बन गया है।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि दुनिया भारत से सीख लेती है। दुनिया भारत के आइडिया और इनोवेशन को गौर से देखती है। मैं आपको “JAM” ट्रिनिटी (जन धन, आधार और मोबाइल) का उदाहरण देता हूँ। इसने हमारे सोशियो-इकोनॉमिक वेलफेयर के कॉन्सेप्ट में क्रांति ला दी, उसे डिजिटल बनाया और मॉडर्न बनाया। UPI का उदाहरण लें, जो इकॉनमी में डिजिटल बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण है। UPI ने हर महीने 12 बिलियन+ ट्रांज़ैक्शन के साथ पेमेंट में क्रांति ला दी है, ग्लोबल रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट में भारत का हिस्सा 49% है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...