Last Updated: October 4, 2026

Dainik Savera Times Logo

‘भारत और पश्चिमी देशों ने मैन्युफैक्चरिंग का काम चीन को सौंपा’, जर्मनी में बोले राहुल गांधी

December 23, 2025

‘भारत और पश्चिमी देशों ने मैन्युफैक्चरिंग का काम चीन को सौंपा’, जर्मनी में बोले राहुल गांधी

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि भारत और पश्चिमी देशों ने सामान बनाने (मैन्युफैक्चरिंग) का काम चीन को सौंप दिया है। उनका कहना है कि इसका नतीजा यह हुआ है कि लोकतांत्रिक देशों में रोजगार के अवसर कम हो गए हैं, जिससे भारत, अमेरिका और यूरोप में राजनीतिक अस्थिरता और ध्रुवीकरण बढ़ रहा है। जर्मनी की राजधानी बर्लिन में हर्टी स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए लोकतांत्रिक देशों में ही प्रोडक्शन होना जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर लोकतंत्र में उत्पादन नहीं होगा, तो वहां रोजगार कैसे पैदा होंगे।

राहुल गांधी ने कहा, “पश्चिम और कुछ हद तक भारत ने प्रोडक्शन चीन को सौंप दिया है। आज चीन का मैन्युफैक्चरिंग पर दबदबा है। इसका मतलब है कि बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देना मुश्किल हो गया है। भारत, अमेरिका और जर्मनी जैसे देश केवल सर्विस सेक्टर के भरोसे अपनी अर्थव्यवस्था नहीं चला सकते।” उन्होंने कहा कि यूरोप, भारत और अमेरिका में जो राजनीतिक उथल-पुथल और ध्रुवीकरण दिखाई दे रहा है, उसकी एक बड़ी वजह लोगों को पर्याप्त नौकरियां न मिलना है। इसका कारण यह है कि इन देशों ने चीन को दुनिया का “कारखाना” बनने दिया।

 

‘मेड इन चाइना’ पर सवाल

राहुल गांधी ने भारत में बिक रहे ‘मेड इन चाइना’ उत्पादों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत के पास मैन्युफैक्चरिंग के लिए जरूरी क्षमता, कम लागत और बड़ी आबादी है, लेकिन इसके बावजूद देश में पर्याप्त उत्पादन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा, “आप जो भी देखते हैं, वह चीन में बना होता है। भारत जैसे देश के लिए यह एक गंभीर समस्या है। हमारे पास सब कुछ है, क्षमता, लागत ढांचा और जनसंख्या लेकिन हमने अभी तक इसका सही इस्तेमाल नहीं किया है।”

अमेरिका के दबदबे पर टिप्पणी

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि दुनिया अब एक बड़े सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक बदलाव के दौर से गुजर रही है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका का वैश्विक दबदबा अब पहले जैसा नहीं रहा और उसे प्रभावी चुनौती मिल रही है। उनके मुताबिक, “पहली बार अमेरिका की ताकत को गंभीर रूप से चुनौती दी जा रही है। सैन्य, आर्थिक और वित्तीय हर क्षेत्र में उसकी शक्ति कमजोर हो रही है। डॉलर और अमेरिकी वित्तीय प्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। अमेरिका अंदरूनी समस्याओं से जूझ रहा है।”

भारत में मैन्युफैक्चरिंग पर चिंता

राहुल गांधी इस समय जर्मनी की पांच दिन की यात्रा पर हैं। इससे पहले, 17 दिसंबर को म्यूनिख में BMW वर्ल्ड म्यूजियम के दौरे के दौरान उन्होंने कहा था कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग कमजोर हो रही है, जबकि यह किसी भी मजबूत अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती है। उन्होंने जोर दिया कि भारत को ज्यादा उत्पादन करना होगा और बड़े पैमाने पर अच्छी नौकरियां पैदा करनी होंगी।

भाजपा का पलटवार

राहुल गांधी के इन दावों पर भाजपा ने कड़ा जवाब दिया है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने उनके बयान को भारत की विकास गाथा के खिलाफ “फर्जी खबर” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में 495% की बढ़ोतरी हुई है। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में 760% की वृद्धि हुई है। 1991 से अब तक ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग 14 गुना बढ़ी है। इस बयान के बाद भारत की मैन्युफैक्चरिंग स्थिति और चीन पर निर्भरता को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें