नेशनल डेस्क: मध्य प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की गिनती प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत के चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की पहली ड्राफ्ट लिस्ट जारी कर दी है। इस ड्राफ्ट सूची में 42 लाख 74 हजार 160 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं।
संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी राम प्रताप सिंह जादौन के अनुसार, 27 अक्टूबर 2025 तक राज्य में कुल मतदाता: 5,31,31,983 जबकि इससे पहले 27 अक्टूबर 2025 को दर्ज मतदाता: 5,74,06,143 थे। यानी SIR प्रक्रिया के बाद मतदाताओं की संख्या में बड़ी कमी दर्ज की गई है।
चुनाव आयोग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, हटाए गए मतदाताओं के पीछे ये कारण रहे:
-मृत मतदाता: 8,46,184
-अनुपस्थित या लापता (पते पर नहीं मिले): 8,42,677
-दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो चुके मतदाता: 22,78,393
-एक से ज्यादा जगह नाम दर्ज (डुप्लीकेट): 2,76,961
-अन्य कारणों से हटाए गए: 29,927
इसके अलावा, करीब 8.65 लाख ऐसे मतदाता भी पाए गए हैं जिनके नाम मौजूदा वोटर लिस्ट में तो हैं, लेकिन 2003 के रिकॉर्ड में उनका कोई डेटा नहीं मिला।
चुनाव आयोग के मुताबिक, जिन मतदाताओं का डेटा पुराने रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहा है, उन्हें नोटिस भेजा जाएगा। ऐसे मतदाताओं को इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) या असिस्टेंट ERO के सामने जरूरी दस्तावेज पेश करने होंगे।
मतदाता 22 जनवरी तक अपने नाम जोड़ने या सुधार के लिए दावा और आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद जांच प्रक्रिया होगी। 21 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
SIR की शुरुआत सबसे पहले सितंबर में बिहार में विधानसभा चुनावों से पहले की गई थी। इसके बाद यह प्रक्रिया मध्य प्रदेश समेत 11 अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की गई है, जिनमें शामिल हैं, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल।
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2028 में होने की संभावना है। उससे पहले SIR के जरिए मतदाता सूची को पूरी तरह सही और अपडेट करने की कोशिश की जा रही है, ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए जा सकें।
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