चंडीगढ़ : प्रदेश सरकार ने पर्यावरण और पर्यटन को बढ़ावा देने को प्राथमिकता दी है। सरस्वती आद्रभूमि जलाशय और सरस्वती जंगल सफारी जैसी परियोजनाएं प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन के लिए भी नए अवसर सृजित करेंगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी संत कबीर कुटीर निवास स्थान पर नागरिकों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे आबियाने को जड़ से खत्म किया है। प्रदेश में जमीनों व संपत्तियों का पेपरलेस रजिस्ट्रेशन शुरू किया गया है। अब रजिस्ट्री का काम पूरी तरह डिजिटल हो गया है। सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में तिगुणी ऊर्जा के साथ जनकल्याण में जुटी हुई हैं इसलिए हम सब मिलकर हरियाणा को देश का सबसे विकसित राज्य बनाने का संकल्प लें।
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क्षेत्र को विकास के मामले में प्रदेश का अग्रणी क्षेत्र बनाना सरकार का लक्ष्य:
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र और लाडवा की उस पवित्र मिट्टी की महक आज उनके आवास तक पहुंची है। सभी नागरिकों का हृदय की गहराइयों से स्वागत, वदन और अभिनंदन है। हम सब मिलकर लाडवा के विकास रथ को बिना रुके आगे बढ़ाएंगे। हलके को विकास के मामले में प्रदेश का अग्रणी क्षेत्र बनाना सरकार का लक्ष्य है। इसका उद्देश्य ईंट-पत्थर की इमारतें खड़ा करना नहीं है बल्कि इस क्षेत्र के अंतिम पायदान पर खड़े नागरिक का भी उत्थान करना है।
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शिक्षा और कौशल विकास के लिए उमरी में 108 करोड़ रुपये की लागत से उत्तर भारत के पहले राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना करना गर्व का विषय है। साथ ही 14.51 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय पॉलिटेक्निक भवन का निर्माण और बहलोलपुर में 8.33 करोड़ रुपये की लागत से आईटीआई का निर्माण किया गया है। ये संस्थान युवाओं के भविष्य को संवारने का कार्य करेंगे।
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