इंटरनेशनल डेस्क: क्रिसमस पर ताइवान में भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को डरा दिया। बुधवार को द्वीप के दक्षिण-पूर्वी इलाके से लेकर राजधानी ताइपे तक धरती दो बार जोर से कांपी। रिक्टर स्केल पर सबसे शक्तिशाली झटके की तीव्रता 6.1 दर्ज की गई। झटकों की वजह से ऊंची इमारतें हिलने लगीं और कई इलाकों में लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।
ताइवान की मौसम और भूकंप निगरानी एजेंसी के अनुसार, पहला झटका 5.7 तीव्रता का था, जिसका केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे था। कम गहराई की वजह से इसका असर ज्यादा महसूस किया गया। इसके कुछ देर बाद 6.1 तीव्रता का दूसरा और ज्यादा शक्तिशाली झटका आया, जिसका केंद्र दक्षिण-पूर्वी तट के तैटुंग काउंटी इलाके में बताया गया।
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भूकंप आते ही ताइपे समेत कई शहरों में अफरा-तफरी मच गई। दफ्तरों में काम कर रहे लोग सुरक्षा के लिए सड़कों पर आ गए। एहतियातन मेट्रो सेवाओं की रफ्तार कुछ समय के लिए कम कर दी गई। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासन और राहत एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं और संभावित नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
इस भूकंप ने लोगों को अप्रैल 2024 की उस बड़ी आपदा की याद दिला दी, जब 7.4 तीव्रता के झटकों में कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई थीं और कई लोगों की जान चली गई थी। ताइवान भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, क्योंकि यह दो टेक्टोनिक प्लेटों के संगम पर स्थित है, जिसे ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है। इसी वजह से यहां समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांत रहें, अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें। भूकंप के बाद किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत दलों को अलर्ट पर रखा गया है।
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