नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संसद खेल महोत्स की जमकर तारीफ की और इसे एक जन आंदोलन बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन अब सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं रहा, बल्कि शहरों से लेकर गांवों तक युवाओं को जोड़ने वाली खेल लहर बन चुका है।
कार्यक्रम को वर्चुअल तरीके से संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश के हर कोने से युवा इसमें हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने अपने काशी संसदीय क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां के युवाओं ने इस आयोजन के जरिए नए रिकॉर्ड और नए मानक स्थापित किए हैं। प्रधानमंत्री ने खुशी जताई कि इस महोत्सव के माध्यम से कई युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिला है। उन्होंने यह भी खास तौर पर कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों को भी इस मंच से अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi interacts with players during the “Sansad Khel Mahotsav”
PM Modi will virtually address players participating in the “Sansad Khel Mahotsav” finals and the country’s youth during the concluding programme in Junagadh, Gujarat.
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— ANI (@ANI) December 25, 2025
पीएम मोदी ने कहा, “आज संसद खेल महोत्सव एक जन आंदोलन बन गया है। शहरों से गांवों तक हर पृष्ठभूमि के युवा इसमें शामिल हो रहे हैं। यह इसके बड़े पैमाने को दिखाता है। युवाओं ने इसके जरिए नए मील के पत्थर हासिल किए हैं और यह आयोजन उनके लिए एक मजबूत मंच साबित हुआ है।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज भारत में खेलों के अवसर सीमित नहीं, बल्कि असीमित हो गए हैं। देश में अब एक मजबूत खेल इकोसिस्टम तैयार हो चुका है, जहां गरीब परिवार का बच्चा भी कम उम्र में ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।
उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों को खेलने के लिए प्रेरित करें। पीएम मोदी ने कहा कि खेल सिर्फ पढ़ाई का हिस्सा नहीं है, बल्कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ दिमाग के लिए भी बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा, “आप सिर्फ अपनी जीत के लिए नहीं खेल रहे हैं, आप देश के लिए, तिरंगे के सम्मान के लिए खेल रहे हैं।”
पीएम मोदी ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत की कोशिशों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में भारत बड़े खेल आयोजनों की मेज़बानी करेगा। उन्होंने कहा कि 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स होंगे और 2036 ओलंपिक के लिए भी भारत प्रयास कर रहा है। प्रधानमंत्री के अनुसार, जो बच्चे आज 10 या 12 साल के हैं, वही 2036 में ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसलिए उन्हें अभी से पहचानना, तराशना और सही मार्गदर्शन देना जरूरी है।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi, while virtually addressing the “Sansad Khel Mahotsav”, says, “Just now, I was talking to some of the participating players in this competition. Their enthusiasm, their spirit, their excitement, I could see a glimpse of India’s strength. The… pic.twitter.com/fSFhj7ATlk
— ANI (@ANI) December 25, 2025
इसमें संसद खेल महोत्सव की बड़ी भूमिका हो सकती है। उन्होंने सभी सांसदों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को पहचानें, उन्हें आगे बढ़ने में हर संभव मदद दें और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के लिए मार्गदर्शन करें। संसद खेल महोत्सव 23 से 25 दिसंबर तक आयोजित किया गया था। इस दौरान पीएम मोदी ने युवाओं से वर्चुअली बातचीत भी की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का जोश, उत्साह और उमंग देखकर उन्हें भारत की असली ताकत की झलक मिली।
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