ढाका: बांग्लादेश में भीड़ हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला राजबाड़ी जिले से सामने आया है, जहां एक हिंदू युवक की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक यह घटना रंगदारी (उगाही) से जुड़े विवाद के बाद हुई।
डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना बुधवार देर रात करीब 11 बजे हुई। ग्रामीणों के एक समूह ने एक व्यक्ति पर हमला कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। हमले में घायल युवक की पहचान अमृत मंडल के रूप में हुई है, जिसे सम्राट के नाम से भी जाना जाता था। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सम्राट के साथ मौजूद उसके एक सहयोगी मोहम्मद सलीम को हिरासत में लिया गया है। सलीम के पास से एक पिस्तौल समेत कुछ हथियार भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि सम्राट के खिलाफ पहले से ही हत्या सहित दो आपराधिक मामले दर्ज थे।
स्थानीय लोगों का दावा है कि वह एक आपराधिक गिरोह चलाता था और रंगदारी व अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल था। बताया जा रहा है कि वह काफी समय से भारत में छिपा हुआ था और हाल ही में अपने गांव लौटा था। ग्रामीणों के अनुसार, सम्राट ने एक स्थानीय व्यक्ति शहिदुल इसलाम से पैसे की मांग की थी। बुधवार रात वह अपने कुछ साथियों के साथ शहिदुल के घर पहुंचा। जब परिवार ने शोर मचाया और “चोर-चोर” चिल्लाया, तो गांव के लोग इकट्ठा हो गए और सम्राट पर हमला कर दिया। उसके साथी मौके से भाग निकले, जबकि सलीम को पकड़ लिया गया।
यह घटना हाल ही में हुई एक और मॉब लिंचिंग के बाद सामने आई है। कुछ दिन पहले मयमनसिंह जिले के भालुका इलाके में 27 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और बाद में उसके शव को जला दिया गया था। इस घटना की निंदा करते हुए बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने कहा था कि देश में भीड़ हिंसा और सांप्रदायिक हिंसा की कोई जगह नहीं है।