हिमाचल प्रदेश डेस्क: नए साल के मौके पर अगर आप बर्फ की सफेद चादर में ढकी पहाड़ियों के बीच जश्न मनाने का प्लान बना रहे हैं, तो हिमाचल प्रदेश इस समय आपके लिए तैयार है। लंबे समय तक जारी शुष्क मौसम के बाद अब देवभूमि की ऊँची चोटियाँ बर्फ से ढकने लगी हैं, जिससे पर्यटक और स्थानीय किसानों दोनों के चेहरे खिल उठे हैं।
मौसम का हाल: मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार, साल के अंतिम दिनों में प्रदेश में ठंड और बर्फबारी का असर देखने को मिलेगा।
बर्फबारी की संभावना: 30 दिसंबर से मौसम में बदलाव शुरू होगा और यह असर 1 जनवरी तक रह सकता है।
कौन से इलाके प्रभावित होंगे: प्रदेश के ऊँचे और मध्यम ऊँचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और बारिश की संभावना अधिक है।
मैदानी क्षेत्रों का हाल: निचले इलाकों में आसमान ज्यादातर साफ रहेगा, लेकिन वहां घना कोहरा और कड़ाके की ठंड बनी रहेगी।
पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी:
शुक्रवार की सुबह लाहौल घाटी के शिंकुला और रोहतांग जैसे प्रमुख दर्रों में बर्फ गिरने लगी। कांगड़ा, मंडी और ऊना में बादलों की बढ़त के कारण तापमान में noticeable गिरावट दर्ज की गई। शिंकुला दर्रा फिलहाल पर्यटकों के लिए खुला है, लेकिन प्रशासन ने केवल 4×4 वाहन को ही अनुमति दी है।
कोहरे को लेकर अलर्ट:
ऑरेंज अलर्ट: 29 दिसंबर तक मैदानी इलाकों में घने कोहरे के चलते जारी।
येलो अलर्ट: 30 दिसंबर को भी सतर्क रहने की जरूरत।
तापमान: अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान 2-3 डिग्री तक गिर सकता है, जिससे ठंड और बढ़ेगी।
सुरक्षा सलाह: वाहन चालक और यात्रियों को घने कोहरे के चलते धीमी गति से चलने और फॉग लाइट्स के इस्तेमाल की सलाह दी गई है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...