नेशनल डेस्क। बिहार के जमुई में देर रात झाझा–जसीडीह रेललाइन के टेलवा बाजार हाल्ट के पास पुल संख्या 676 पर एक मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे का असर ट्रेनों के संचालन पर भारी पड़ा है। हादसे के कारण इस रूट से गुजरने वाली दर्जनों एक्सप्रेस, पैसेंजर और मालगाड़ियों का मार्ग बदल दिया गया है। लगभग 34 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन बाधित हुआ है। 22214 पटना–शालीमार दुरंतो एक्सप्रेस रात में कई घंटों तक झाझा स्टेशन पर खड़ी रही। बाद में इसे झाझा से गया–किऊल रेलखंड के रास्ते वापस भेजा गया। इसी तरह कई अन्य ट्रेनें भी जमुई और मननपुर स्टेशन पर रोकी गईं और फिर दूसरे रूट से भेजी गईं।
हादसे की रात 11:30 बजे मिली जानकारी
रात करीब 11:30 बजे मालगाड़ी के गार्ड ने झाझा स्टेशन प्रबंधक को हादसे की सूचना दी। आधे घंटे के भीतर झाझा से दुर्घटना राहत वाहन (ART) मौके के लिए रवाना कर दिया गया। देर रात दानापुर से क्रेन भी भेजी गई।
Hajipur, Bihar | Eight wagons of a goods train derailed between Lahabon and Simultala stations of Asansol Division (Eastern Railway) at 23:25 hrs on December 27, 2025. This has disrupted train operations on both the Up and Down lines of this section. Upon receiving the…
— ANI (@ANI) December 28, 2025
कई डिब्बे नदी में गिरे – पुल का गार्डर भी टूटा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मालगाड़ी के आधे से ज्यादा डिब्बे पटरी से उतरकर नदी में गिर गए। पुल के गार्डर को नुकसान हुआ है, जिसे ठीक करने में लगभग 24 घंटे से अधिक समय लग सकता है। संभावना है कि सोमवार से पहले रेल संचालन बहाल नहीं हो पाएगा।
कई एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द/मार्ग परिवर्तन
कई एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों को रद्द करने की संभावना है। दर्जनों एक्सप्रेस ट्रेनों का मार्ग बदलकर संचालित किया जाएगा। हालांकि, झाझा स्टेशन से स्थानीय पैसेंजर ट्रेनें समय पर चलती रहेंगी।
यात्रियों की बढ़ी परेशानी
हादसे के बाद यात्रियों में निराशा फैल गई। कई यात्रियों ने अपनी यात्रा रद्द कर दी, कुछ लोग वाहन द्वारा किऊल स्टेशन जाकर अन्य ट्रेनों से सफर जारी रखे।
पूछताछ केंद्र पर टिकट धनवापसी (रिफंड) के लिए भारी भीड़ देखी गई।
बिना जानकारी पहुंचे यात्री मायूस होकर घर वापस लौटे
कई लोग जिन्हें हादसे की जानकारी नहीं थी, ट्रेन पकड़ने झाझा स्टेशन पहुंचे। ट्रेनें रद्द या डायवर्ट होने के कारण उन्हें निराश होकर वापस घर लौटना पड़ा। इस रेलखंड पर पहली बार इतनी बड़ी संख्या में मालगाड़ी के डिब्बे एक साथ पटरी से उतरे हैं। यह पुल हाल ही में आसनसोल डिविजन द्वारा बदला गया था।
रेलवे अधिकारियों ने हादसे को अब तक का सबसे बड़ा बताया
झाझा रेल यातायात निरीक्षक रवि गुप्ता ने कहा – यह इस रेलखंड का अब तक का सबसे बड़ा रेल हादसा है। सभी एक्सप्रेस ट्रेनें दूसरे रेलखंड से चलाई जा रही हैं।
ट्रैक को दुरुस्त करने में 24 घंटे से अधिक समय लगेगा।
हाजीपुर जोन के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सरस्वती चंद्र ने बताया -आसनसोल मंडल के लाहाबन–सिमुलतला स्टेशन के बीच, 27 दिसंबर रात 11:25 बजे, एक मालगाड़ी के 8 डिब्बे पटरी से उतर गए। अप और डाउन दोनों लाइनें बाधित हैं। राहत टीमें आसनसोल, मधुपुर और झाझा से मौके पर पहुँच गई हैं और युद्धस्तर पर बहाली का काम जारी है।