
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आरोपों पर कड़ा पलटवार किया है। अमित शाह ने TMC सरकार पर भ्रष्टाचार, डर का माहौल बनाने और सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन न देने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में ममता बनर्जी ने बीजेपी नेताओं की तुलना महाभारत के पात्रों दुर्योधन और दुशासन से की।
एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “चुनाव आते ही दुशासन और दुर्योधन दिखाई देने लगते हैं। एक दुशासन बंगाल आया है, जो सिर्फ जानकारी इकट्ठा करने आया है।” उन्होंने साफ कहा कि उनकी सरकार ने पेट्रापोल और आंदल में सीमा पर बाड़ लगाने के लिए ज़मीन दी थी। ममता ने सवाल किया, “अगर मैंने जमीन नहीं दी होती, तो पेट्रापोल और आंदल में बाड़ कैसे लगती?”
ममता बनर्जी ने कहा कि पिछले 14 सालों में राज्य में काफी विकास हुआ है। उन्होंने बांकुरा जिले का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पानी की समस्या को दूर करने के लिए बड़े काम किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही लोगों को SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के नाम पर परेशान किया जा रहा है।
घुसपैठ के मुद्दे पर ममता ने अमित शाह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि सभी अप्रवासी सिर्फ बंगाल से आते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ऐसा है, तो दिल्ली और पहलगाम जैसी घटनाओं के पीछे कौन था। उन्होंने बीजेपी पर भ्रष्टाचार और दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया।
इससे पहले अमित शाह ने ममता सरकार पर जोरदार हमला किया था। उन्होंने कहा कि पिछले 14 सालों में पश्चिम बंगाल की पहचान “डर और भ्रष्टाचार” बन गई है। शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए ज़मीन नहीं दी, जिस वजह से राज्य में अवैध घुसपैठ जारी है। अमित शाह ने दावा किया कि असम और त्रिपुरा में घुसपैठ रुक गई है, लेकिन पश्चिम बंगाल में यह अब भी जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठ को बढ़ावा दे रही हैं और राज्य की जनसंख्या संरचना बदलना चाहती हैं।
शाह ने कहा कि बंगाल की सीमाओं से घुसपैठ सिर्फ राज्य का नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है। उन्होंने भरोसा जताया कि 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद बंगाल में बीजेपी की सरकार बनेगी और वह सीमाओं को पूरी तरह सील करेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि बीजेपी राज्य में दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगी।
वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और अवैध घुसपैठ का मुद्दा अब पश्चिम बंगाल की राजनीति में गर्म हो चुका है। माना जा रहा है कि ये दोनों मुद्दे 2026 के विधानसभा चुनावों में बड़े चुनावी सवाल बनेंगे।
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