
बठिंडा: पंजाब की राजनीति में इस समय हलचल मची हुई है। शिरोमणि अकाली दल ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते पार्टी के नेता सिकंदर सिंह हरईपुर को सदस्यता से बाहर कर दिया है। यह बड़ा फैसला जिला अध्यक्ष जगसीर सिंह कल्याण ने लिया, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा का माहौल बन गया है।
पार्टी ने उठाया कड़ा कदम
सर्कल जत्थेदार अमरजीत सिंह, पूर्व सरपंच जंडावाला ने बताया कि सिकंदर सिंह लंबे समय से पार्टी के अनुशासन का पालन नहीं कर रहे थे और अकाली दल के कार्यकर्ताओं को भटकाकर अन्य राजनीतिक पार्टियों को फायदा पहुंचा रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले ब्लॉक समिति और जिला परिषद चुनावों में सिकंदर सिंह ने खुलेआम कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की मदद की थी, जो पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना गया।
भारतीय जनता पार्टी के पोलिंग एजेंट बनने का मामला
इसके अलावा, हाल ही में हुए संसदीय चुनावों में सिकंदर सिंह का भाजपा उम्मीदवार के पोलिंग एजेंट के रूप में काम करना शिरोमणि अकाली दल की नीतियों के खिलाफ है। पार्टी हाईकमान को इस मामले की गंभीर जानकारी मिलने के बाद, जिला अध्यक्ष ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी की प्राइमरी मेंबरशिप से निष्कासित कर दिया। उनके सभी पद भी समाप्त कर दिए गए हैं।
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पार्टी का संदेश साफ
अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी अनुशासन से कोई समझौता नहीं करेगी। डबल पॉलिटिक्स करने वाले किसी भी नेता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम पंजाब की राजनीति में पार्टी अनुशासन और संगठनात्मक मजबूती को लेकर एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।
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