नेशनल डेस्क: वेनेजुएला में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। इस मामले पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
ओवैसी ने कहा कि अगर अमेरिका किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति को उसके ही देश से पकड़कर अपने यहां ले जा सकता है, तो भारत सरकार को भी पाकिस्तान जाकर 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड को भारत लाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे को भारत की सुरक्षा और आतंकवाद से जोड़ते हुए सरकार से सख्त रुख अपनाने की मांग की।
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इस घटनाक्रम के बाद भारत सरकार ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला की मौजूदा स्थिति को देखते हुए भारतीय नागरिकों के लिए यात्रा परामर्श जारी किया है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वेनेजुएला की गैर-जरूरी यात्रा से फिलहाल बचें।
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि वेनेजुएला में रह रहे भारतीय नागरिक अत्यधिक सावधानी बरतें, अपनी आवाजाही सीमित रखें और किसी भी आपात स्थिति में काराकस स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें। मंत्रालय ने यह भी कहा कि हालिया घटनाओं के कारण वहां की स्थिति तेजी से बदल सकती है।
बताया जा रहा है कि वेनेजुएला में लगभग 50 अनिवासी भारतीय (NRI) और करीब 30 भारतीय मूल के लोग रह रहे हैं। अमेरिकी कार्रवाई के बाद देश में राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। इस पूरे मामले पर रूस और चीन सहित कई बड़े देशों ने अमेरिका की कार्रवाई की आलोचना की है। इन देशों का कहना है कि किसी संप्रभु देश के राष्ट्रपति को इस तरह हिरासत में लेना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है। फिलहाल वेनेजुएला में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई है।
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