Last Updated: September 22, 2026

Dainik Savera Times Logo

सेठों के ‘सेठ’ को भक्तों ने दिल खोल कर किया दान, किसी ने चढ़ाया चांदी का बांसुरी, तो किसी ने तराजू और मकान

January 9, 2026

सेठों के ‘सेठ’ को भक्तों ने दिल खोल कर किया दान, किसी ने चढ़ाया चांदी का बांसुरी, तो किसी ने तराजू और मकान

धर्म डेस्क। मेवाड़ क्षेत्र में स्थित सुप्रसिद्ध कृष्ण धाम सांवलिया सेठ के प्रति भक्तों की आस्था बहुत गहरी है। यहां आने वाले श्रद्धालु भगवान को सिर्फ पूजनीय नहीं, बल्कि अपने जीवन और व्यापार का साझेदार (बिजनेस पार्टनर) मानते हैं। भक्तों का विश्वास है कि जो भी सच्चे मन से सांवलिया सेठ से प्रार्थना करता है, उसकी झोली कभी खाली नहीं रहती। हाल ही में कोटा की प्रसिद्ध भामाशाह अनाज मंडी के तीन बड़े व्यापारियों ने अपनी मन्नत पूरी होने पर भगवान को जो भेंट चढ़ाई, वह पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बन गई है।

व्यापार बढ़ा तो चढ़ाया चांदी का लहसुन
कोटा के जाने-माने लहसुन व्यापारी रवि मालपानी का व्यापार पिछले कुछ समय में तेजी से आगे बढ़ा। वे मानते हैं कि यह सब सांवलिया सेठ की कृपा से संभव हुआ। अपनी मन्नत पूरी होने पर उन्होंने भगवान को करीब डेढ़ किलो वजनी चांदी से बना लहसुन अर्पित किया। चांदी से तैयार यह लहसुन बेहद सुंदर और बारीक कारीगरी का उदाहरण है। रवि मालपानी का कहना है कि उनकी मेहनत के साथ-साथ सांवलिया जी का आशीर्वाद ही उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण है।

तराजू-कांटा और बांसुरी की अनोखी भेंट
अनाज व्यापारी लोकेश गौतम ने भी अपनी तरक्की का श्रेय भगवान सांवलिया सेठ को दिया। उन्होंने प्रभु को 800 ग्राम चांदी का बना तराजू-कांटा और बांसुरी भेंट की। लोकेश गौतम पिछले तीन वर्षों से लगातार कोटा से श्रद्धालुओं का जत्था लेकर मंडफिया स्थित सांवलिया सेठ मंदिर जाते रहे हैं। उनका मानना है कि व्यापार में ईमानदारी और भगवान पर भरोसा ही सफलता की कुंजी है।

सपनों का घर भी चढ़ाया ठाकुर जी को
कोटा के ही एक अन्य व्यापारी पिंटू सुमन, जो सोयाबीन का व्यापार करते हैं, ने अपनी मनोकामना पूरी होने पर भगवान को करीब 300 ग्राम चांदी से बना छोटा सा घर अर्पित किया। यह चांदी का घर उनके सपनों और भविष्य की खुशहाली का प्रतीक है। पिंटू सुमन का कहना है कि सांवलिया सेठ की कृपा से उनका व्यापार और जीवन दोनों बेहतर हुए हैं।

देखें वीडियोः ਹੁਣ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਸਕੂਲਾਂ ‘ਚ ਪੜ੍ਹ ਸਕਣਗੇ ਗਰੀਬ ਬੱਚੇ, ਦੇਖੋ ਕਿਵੇਂ ਲਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਦਾਖਲਾ?

भक्ति से भरा दो दिन का भव्य आयोजन
लोकेश गौतम ने बताया कि 3 जनवरी को कोटा के प्रसिद्ध खड़े गणेश मंदिर से करीब 250 श्रद्धालुओं के साथ वे दो बसों में मंडफिया के लिए रवाना हुए थे। यात्रा से पहले सांवलिया सेठ के ध्वज की विधिवत पूजा की गई। 3 और 4 जनवरी को मंदिर परिसर में भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। भगवान को छप्पन भोग लगाया गया और हजारों श्रद्धालुओं को महाप्रसादी वितरित की गई।

करोड़ों का चढ़ावा, फिर भी खास बनी चांदी की भेंट
सांवलिया सेठ मंदिर में हर महीने करोड़ों रुपये का चढ़ावा आता है, लेकिन कोटा के इन व्यापारियों की चांदी की भेंट इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि यह उनकी सच्ची श्रद्धा, मेहनत और ईमानदारी को दर्शाती है। भक्तों का अटूट विश्वास है कि सांवलिया सेठ के दरबार में जो भी दिल से अर्जी लगाता है, भगवान उसे कभी निराश नहीं करते।

पढ़ें ये खबरः ‘मुझे इंटरनेशनल कानून की ज़रूरत नहीं है’: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें