अर्की: हिमाचल प्रदेश में सोलन जिले के अर्की के पुराने बस स्टैंड के नीचे एक लकड़ी की इमारत में आधी रात के बाद आग लगने से दो प्रवासी मजदूर परिवार जिंदा जल गए। चार लोगों के शव मिल गए हैं। पांच का कोई पता नहीं चला है। मलबे में उनके अवशेष तलाशे जा रहे हैं। इसी इमारत में कपड़ों की दो, किराना और जूतों की दुकानें भी जली हैं और इनके कारण शवों का पता नहीं चल पा रहा है।
अग्निकांड के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। यह दुर्भाग्यजनक घटना सोलन जिला मुख्यालय से 56 किलोमीटर दूर अर्की बसअड्डे के पास यूको बैंक के साथ लगती इमारत में बीती रात करीब दो बजे हुई। आग इतनी भयानक थी कि कुछ ही मिनटों में उसने आसपास की कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। मुख्य रूप से लकड़ी से बनी इमारत होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते पूरा क्षेत्र धुएं व लपटों से घिर गया। इस भीषण हादसे में 4 लोगों के मरने की पुष्टि हो गई है, जबकि 6 लोगों का परिवार लापता बताया जा रहा है और उनके जिंदा होने की कोई संभावना नहीं है। इस अग्निकांड में कपड़ों की दो दुकानें, एक जूते की दुकान, एक करियाना स्टोर और एक घड़ी की दुकान पूरी तरह जलकर राख हो गई।
दो परिवारों में बिहार निवासी काशीराम (42), उसकी पत्नी टीका (30) और बच्चे अनु (13) और सुशील (8) हैं। नेपाली मजदूर परिवार में धनबहादुर (33), उसकी पत्नी कविता (32) और तीन बच्चे राधा (16), रेणुका (11), रंजन (8 माह) हैं। जो शव मिले हैं उनमें 8 माह का बच्च शामिल है। बाकी शवों की पहचान नहीं हुई है। एसपी सोलन गौरव सिंह ने तीन लोगों के कंकाल प्राप्त होने की सूचना जारी की है। उन्होंने बताया कि लापता लोगों की तलाश जारी है लेकिन उनके बचने की संभावना न के बराबर है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...