
जम्मू-कश्मीर डेस्कः जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सरकारी मशीनरी में घुसे आतंकियों के मददगारों, ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) और आतंकवाद के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के अपने अभियान को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में हाल ही में एक निर्णायक कार्रवाई करते हुए उपराज्यपाल ने पांच सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
नौकरी से हटाए गए कर्मचारियों में एक शिक्षक मोहम्मद इश्फाक, लैब टेक्नीशियन तारिक अहमद शाह, असिस्टेंट लाइनमैन बशीर अहमद मीर, वन विभाग के फील्ड वर्कर फारूक अहमद भट और स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत ड्राइवर मोहम्मद यूसुफ शामिल हैं।
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जांच में सामने आया है कि ये सभी कर्मचारी लश्कर-ए-तैयबा और हिज्ब-उल-मुजाहिदीन जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे। जनता के भरोसे वाले पदों पर रहते हुए ये लोग सरकारी खजाने से वेतन ले रहे थे, जबकि पर्दे के पीछे आतंकवादी संगठनों के एजेंडे को आगे बढ़ाने में संलिप्त थे।
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