लुधियाना: लोहड़ी पर्व पर प्लास्टिक डोर के इस्तेमाल पर सख्त प्रतिबंध के बावजूद लुधियाना में यह रोक बेअसर साबित हुई। शहर के कई इलाकों में खुलेआम प्लास्टिक डोर से पतंगबाजी होती रही। इस खतरनाक प्लास्टिक डोर की चपेट में आकर कई लोग भी घायल हुए। कइयों ने तो निजी अस्पतालों में अपना इलाज करवाया, जबकि कुछ लोग गंभीर हालत में इलाज के लिए सिविल अस्पताल भी पहुंचे। पहले मामले में शिमलापुरी इलाके में अपने घर के बाहर खड़ा 7 वर्षीय बच्च प्लास्टिक डोर के कारण घायल हो गया। डोर बच्चे के पैर की एड़ी में फंसी और उससे गहरा कट लग गया।
घटना मंगलवार को दोपहर एक बजे की है। 7 वर्षीय मासूम अपने घर के बाहर मौजूद था, तभी एक कार गुजरी। कार के साथ प्लास्टिक डोर लटक रही थी,स् जो बच्चे के पैर की एड़ी में फंसी और वह लहूलुहान हो गया। परिवार वालों ने बच्चे का सिविल अस्पताल में इलाज करवाया। दूसरा मामला बी.आर.एस. नगर के रहने वाले राजेश गुप्ता के साथ हुआ। मंगलवार सुबह वह अपने एक्टिवा पर सामान लेने जा रहे थे, तभी चलते एक्टिवा पर वह प्लास्टिक डोर का शिकार हुए। डोर से उनका नाक कट गया। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर जाया गया, जहां उनके 5 टांके लगे।
तीसरा मामला ब्राऊंन रोड के नजदीक पैदल सड़क पर जा रहे राजेश कपूर (60) का सामने आया। उन्हें लहूलुहान हालत में सिविल अस्पताल लाया गया। राजेश कपूर ने बताया कि ब्राउन रोड धर्मशाला के निकट वह पैदल जा रहे थे। अचानक प्लास्टिक डोर उनके पैर में फंस गई। जूते को काटते हुए डोर ने उनके पैर को काट दिया। राहगीर ही उन्हें उठाकर सिविल अस्पताल लेकर आए। डॉक्टरों के मुताबिक इस डोर ने राजेश कपूर के पैर की एक नस कट गई। कपूर को प्राथमिक उपचार के बाद उनके परिवार वाले निजी अस्पताल ले गए। कपूर की हालत नाजुक बताई जा रही है।
चौथा मामला अमरपुरा पुली के निकट मंगलवार शाम को सड़क पर पैदल जाते हुए खुड्ड मोहल्ला का रहने वाला 14 वर्षीय कर्णदीप सिंह, प्लास्टिक डोर की चपेट में आ गया, जिससे उसका पैर बुरी तरह कट गया। उसे भी राहगीर उठाकर सिविल अस्पताल लेकर आए, जहां उसका ईलाज चल रहा है। पांचवां मामला कुंदनपुरी की रहने वाली महिला ईशरा प्रवीण के साथ हुआ। प्रवीण का कहना है कि वह लस्सी चौक के नजदीक कपड़े की दुकान पर काम करती है। उसका कहना है कि मंगलवार की दोपहर वह किसी कस्टमर का सामान कार में रखवाने लगी। वहां पहले ही प्लास्टिक डोर पड़ी थी। जो उसके पैर में फंस गई। कार चलते ही डोर उसके दोनों टांगों पर पैरों के ऊपर उलझ गई और वह लहूलुहान हो गई। उसका सिविल अस्पताल में ईलाज हुआ।
मेष: दिन शुभ रहेगा...