नई दिल्ली: चांदी निवेशकों के लिए इस समय बेहद अहम बनी हुई है। देशभर के बाजार में मंगलवार को चांदी के दाम 2.80 लाख रुपए के करीब पहुँच गए थे और बाजार बंद होने तक 2.75 लाख रुपए के स्तर पर टिके रहे। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर बुधवार को भी तेजी जारी रहती है, तो चांदी आसानी से 3 लाख रुपए के लेवल को पार कर सकती है। जनवरी की शुरुआत से ही चांदी के दाम में लगभग 17 फीसदी की तेजी दर्ज की जा चुकी है।
विश्लेषकों का कहना है कि चांदी की कीमतों में इस तेजी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारण हैं। अमेरिका का महंगाई डेटा, फेड और ट्रंप के बीच जारी तनातनी, अंतरराष्ट्रीय टैरिफ फैसले, और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव चांदी के दामों को सहारा दे रहे हैं। वहीं, डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट और इंडस्ट्रियल डिमांड में बढ़ोतरी भी इस उछाल का बड़ा कारण हैं।

अमेरिका की आर्थिक स्थिति और फेड
दिसंबर में अमेरिका में महंगाई दर 2.7 प्रतिशत दर्ज की गई। इस आंकड़े के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि फेड ब्याज दरों में कटौती कर सकता है, जिसका सकारात्मक असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा है। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने के दाम लगभग 4,632 डॉलर प्रति औंस और चांदी के दाम 90 डॉलर प्रति औंस के आसपास हैं।
फेड और ट्रंप के बीच टकराव
ट्रंप ने फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल पर आरोप लगाए हैं। अगर पॉवेल हटते हैं, तो नए चेयरमैन की नियुक्ति ट्रंप की पसंद से हो सकती है, जिससे ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ जाती है और चांदी की कीमतों में तेजी आ सकती है।
सुप्रीम कोर्ट और टैरिफ फैसले का असर
15 जनवरी को ट्रंप टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला है। इसके परिणाम की अनिश्चितता के चलते निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। साथ ही, अमेरिका की रूस विरोधी टैरिफ योजनाओं का असर भारत और चीन सहित कुछ देशों पर पड़ सकता है, जिससे चांदी की मांग बढ़ रही है।
अंतरराष्ट्रीय तनाव और जियो-पॉलिटिकल फैक्टर
ईरान, वेनेजुएला, कंबोडिया और क्यूबा के साथ अमेरिका के तनाव, रूस-यूक्रेन संघर्ष और अन्य भू-राजनीतिक घटनाओं ने सोने और चांदी के दामों को बढ़ावा दिया है। निवेशक इन संकटों में सुरक्षित निवेश के लिए चांदी की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
गोल्ड-सिल्वर रेश्यो और इंडस्ट्रियल डिमांड
गोल्ड और सिल्वर रेश्यो वर्तमान में 51.556 के स्तर पर है, जो पिछले 13 सालों में सबसे निचले स्तर पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह रेश्यो 43 के स्तर तक आता है तो चांदी 100 डॉलर प्रति औंस तक पहुँच सकती है। इसके अलावा, सोलर पैनल उत्पादन में चांदी की बढ़ती मांग भी कीमतों को मजबूत कर रही है।
ये भी पढ़ें: दिल की सेहत के लिए एंजियोग्राफी: टेस्ट और जरूरी सावधानियां जानें
रुपये में कमजोरी और घरेलू बाजार का रुझान
डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट से चांदी की कीमतें घरेलू बाजार में तेजी पकड़ रही हैं। देश के वायदा बाजार में बुधवार को चांदी सुबह 2,82,450 रुपए के स्तर पर खुली और दिन में 2,82,750 रुपए के लाइफ टाइम हाई को पार कर गई।
ये भी पढ़ें: जम्मू-कश्मीर में सर्दी का कहर, मैदानी इलाकों में घना कोहरा
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वैश्विक और घरेलू परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो आने वाले 24 घंटों में चांदी के दाम 3 लाख रुपए के पार जाने की संभावना मजबूत बनी हुई है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...