Last Updated: November 7, 2026

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चीन ने अमेरिका से ईरान के प्रति सैन्य बल प्रयोग की मानसिकता त्यागने की अपील की

January 16, 2026

चीन ने अमेरिका से ईरान के प्रति सैन्य बल प्रयोग की मानसिकता त्यागने की अपील की

इंटरनेशनल डेस्क : चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ईरान परिस्थितियों की आपातकालीन खुली बैठक में अमेरिका से ईरान के प्रति सैन्य बल के प्रयोग की मानसिकता त्यागने की अपील की। संयुक्त राष्ट्र में चीनी स्थायी मिशन के कार्यवाहक प्रतिनिधि सुन लेई ने गुरुवार को आयोजित खुली बैठक में कहा कि हाल में ईरान की घरेलू स्थिति ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया है। अमेरिका ईरान परिस्थितियों पर लगातार बयान दे रहा है और खुले तौर पर ईरान को सैन्य बल के प्रयोग की धमकी दे रहा है, जिससे मध्य पूर्व क्षेत्र में युद्ध का माहौल बन रहा है और तनावपूर्ण वातावरण लगातार बढ़ रहा है।

सुन लेई ने जोर देकर कहा कि चीन हमेशा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और अंतर्राष्ट्रीय कानून का पालन करने, अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बल के प्रयोग या बल प्रयोग की धमकी के विरोध और दूसरे देशों पर अपनी इच्छा थोपने के विरोध का पक्षधर रहा है। संप्रभुता की समानता और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना अंतर्राष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांत और आधुनिक अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के सबसे मौलिक मानदंड हैं। ईरान एक स्वतंत्र संप्रभु देश है, ईरान के मामलों का फैसला ईरान की जनता द्वारा स्वतंत्र रूप से किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि चीन ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने का समर्थन करता है और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से ईरान सरकार और जनता को मौजूदा कठिनाइयों पर काबू पाने और राष्ट्रीय सुरक्षा व सामाजिक स्थिरता बनाए रखने में समर्थन देने का आह्वान करता है।

सुन लेई ने आगे कहा कि बल प्रयोग से समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि इससे समस्याएं और जटिल हो जाएंगी। किसी भी सैन्य साहसिक कार्रवाई से क्षेत्र अप्रत्याशित गहराई में धकेल दिया जाएगा। चीन अमेरिका से “संयुक्त राष्ट्र चार्टर” के उद्देश्यों और सिद्धांतों का पालन करने तथा बल प्रयोग की मानसिकता त्यागने की अपील करता है। साथ ही, चीन सभी पक्षों से संयम बरतने और विश्व शांति व सुरक्षा बनाए रखने के लिए अपनी भूमिका निभाने की अपील भी करता है।

सुन लेई ने यह भी कहा कि वर्तमान में मध्य पूर्व दुनिया में सुरक्षा स्थिति का सबसे नाजुक क्षेत्र बना हुआ है, अशांति और युद्ध का खतरा हमेशा बना रहता है। चीन ने अधिकांश क्षेत्रीय देशों की सैन्य टकराव को लेकर गहरी चिंता और वार्ता व शांतिपूर्ण तरीके से विवादों के समाधान की ईमानदार आशा को ध्यान में रखा है। चीन आशा करता है कि अमेरिका और संबंधित पक्ष अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और क्षेत्रीय देशों की आवाज को गंभीरता से लेंगे और मध्य पूर्व की शांति व स्थिरता के लिए लाभदायक काम करेंगे, न कि इसके विपरीत। सभी देशों को शांति वार्ता को बढ़ावा देने और युद्ध रोकने में रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए, विरोधाभासों को तीव्र करने और आग में घी डालने से बचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इतिहास बार-बार साबित कर चुका है कि बल प्रयोग में अंधविश्वास, लगातार दबाव डालने और अनुचित हस्तक्षेप करने से सिर्फ अधिक संघर्ष और घृणा पैदा होगी। किसी भी देश को दूसरे देशों के भाग्य का फैसला करने का अधिकार नहीं है, अंतरराष्ट्रीय कानून से ऊपर किसी भी तरह के व्यवहार की अनुमति नहीं है। चीन ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इतिहास के सही पक्ष में, निष्पक्षता और न्याय के पक्ष में खड़े होकर मध्य पूर्व क्षेत्र की शांति व स्थिरता और विश्व शांति व सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास करने की अपील की। 

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप,पेइचिंग)

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