नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने रविवार को कहा कि ईरान में हालात बिगड़ने के बजाय अब कुछ हद तक सुधरते हुए दिख रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में वहां से कुछ “अच्छे संकेत” मिले हैं, जिससे यह लगता है कि तनाव कम हो रहा है। पत्रकारों से बातचीत में थरूर ने कहा कि ईरान सरकार ने प्रदर्शनकारियों को दी जाने वाली सजा के तहत जिन 800 से ज्यादा लोगों को फांसी देने की घोषणा की थी, उसे अब रद्द कर दिया गया है। उन्होंने इसे एक बहुत सकारात्मक कदम बताया।
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शशि थरूर ने यह भी कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने रुख में नरमी दिखाई है। ट्रंप ने फिलहाल ईरान पर किसी भी तरह के हवाई हमले की योजना को रोक दिया है। थरूर के मुताबिक, यह भी इस बात का संकेत है कि हालात को और बिगड़ने से रोकने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि हालांकि ईरान में इंटरनेट बंद होने की वजह से पूरी और सही जानकारी मिलना मुश्किल है, फिर भी जो खबरें सामने आ रही हैं, उनसे लगता है कि सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कम हो रहे हैं और सरकार का रवैया कुछ हद तक नरम हुआ है।
थरूर ने बताया कि अगर ईरान में हालात और बिगड़ते, तो इसका असर आसपास के देशों, खासकर खाड़ी देशों पर पड़ सकता था। वहां शरणार्थियों की समस्या खड़ी हो सकती थी। इसलिए पड़ोसी देश भी यही चाहेंगे कि शांति बनी रहे और कोई बड़ा हमला न हो। उन्होंने कहा, “कोई भी देश नहीं चाहता कि स्थिति बेकाबू हो। इसके गंभीर भू-राजनीतिक नतीजे हो सकते हैं। इसलिए फिलहाल ऐसा लगता है कि हम एक अहम मोड़ पर आ गए हैं और तनाव घट रहा है।”
गाजा को लेकर पूछे गए सवाल पर शशि थरूर ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भले ही गाजा शांति योजना दूसरे चरण में प्रवेश कर चुकी हो, लेकिन वहां अब भी हमले जारी हैं और रोज लोगों की मौत हो रही है। इसलिए अभी इसे पूरी तरह शांति नहीं कहा जा सकता।
थरूर ने यह भी कहा कि हमास के निरस्त्रीकरण (हथियार छोड़ने) को लेकर कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने बताया कि चर्चा यह है कि हमास सीधे हथियार नहीं छोड़ेगा, बल्कि सत्ता एक तकनीकी या अंतरिम परिषद को सौंप सकता है। उन्होंने कहा, “यह स्थिति अभी भी बहुत तनावपूर्ण है। यह न तो सामान्य है और न ही पूरी तरह शांत। हमें धैर्य रखना होगा और उम्मीद करनी चाहिए कि हालात बेहतर होंगे, क्योंकि गाजा के लोगों ने बहुत कष्ट झेला है।”
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इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास से नई मांग की है। उन्होंने कहा कि हमास को तुरंत अपने वादे पूरे करने चाहिए, जिसमें इजरायल को अंतिम शव लौटाना और बिना देरी के पूरी तरह से निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया शुरू करना शामिल है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हमास के पास दो ही रास्ते हैं, या तो आसान तरीका अपनाए या फिर मुश्किल तरीका।
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