वॉशिंगटन: ईरान में लगातार बढ़ रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के 37 साल पुराने शासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब “ईरान में नई लीडरशिप खोजने का समय आ गया है।” ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान में महंगाई, खराब आर्थिक हालात और सरकार के खिलाफ गुस्से के कारण बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं।
पोलिटिको को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने ईरान की मौजूदा लीडरशिप पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि तेहरान की सरकार सत्ता बनाए रखने के लिए हिंसा और दमन का सहारा ले रही है। ट्रंप ने कहा, “एक देश के नेता के तौर पर खामेनेई ने अपने देश को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है और पहले कभी न देखे गए स्तर पर हिंसा का इस्तेमाल किया है।” उन्होंने आगे कहा कि किसी भी देश की लीडरशिप सम्मान से चलती है, डर और मौत से नहीं। ट्रंप ने यह भी कहा कि सरकार चलाने का मतलब यह नहीं होता कि नियंत्रण बनाए रखने के लिए हजारों लोगों को मारा जाए।
ट्रंप ने खामेनेई पर व्यक्तिगत हमला करते हुए उन्हें “बीमार आदमी” कहा और आरोप लगाया कि वे अपने देश को ठीक से चलाने में नाकाम रहे हैं। पोलिटिको की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने ईरान को “खराब लीडरशिप की वजह से दुनिया में रहने की सबसे बुरी जगहों में से एक” बताया। यह बयान खामेनेई की उन सोशल मीडिया पोस्ट्स के तुरंत बाद आया, जिनमें उन्होंने ईरान में हो रही हिंसा और अशांति के लिए अमेरिका और खासतौर पर ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया था।
खामेनेई ने आरोप लगाया कि ट्रंप ने हिंसक समूहों को ईरानी जनता की आवाज के तौर पर पेश किया, जबकि ये समूह तोड़-फोड़, आगजनी और हत्याओं में शामिल हैं। उन्होंने इसे ईरानी लोगों के खिलाफ “भयानक बदनामी” बताया। खामेनेई ने कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति ने देशद्रोहियों को संदेश दिया कि अमेरिका उनका साथ देगा और उन्हें सैन्य समर्थन भी मिलेगा। यह अपने आप में एक आपराधिक कृत्य है।” इस पूरे मामले ने वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बयानबाजी को और तेज कर दिया है। दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
इस बीच, ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी (HRANA) के मुताबिक, ईरान में विरोध प्रदर्शन 21वें दिन में प्रवेश कर चुके हैं। देश के कई हिस्सों में इंटरनेट बंद है और सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई जारी है। HRANA की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक इन प्रदर्शनों में 3,308 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4,382 मामलों की जांच अभी जारी है। करीब 2,107 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और कम से कम 24,266 लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, सुप्रीम लीडर खामेनेई ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि इन अशांतियों के दौरान “कई हजार लोगों” की जान गई है।