
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के कार्यकारी निदेशक मारौन कैरोज़ ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक संघर्षों और आर्थिक विखंडन के जोखिम के बीच, चीन का उच्च-गुणवत्ता वाला विकास विश्व अर्थव्यवस्था को गति और स्थिरता प्रदान कर रहा है। चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ को दिए एक लिखित साक्षात्कार में कैरोज़ ने चीन के आर्थिक रूपांतरण की सराहना की। उन्होंने कहा कि उच्च गति वाले विकास से उच्च-गुणवत्ता वाले विकास में चीन का बदलाव रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, जिसका लक्ष्य अधिक टिकाऊ और लचीला विकास हासिल करना है।
उन्होंने बताया कि यह परिवर्तन नवाचार, उत्पादकता और दीर्घकालिक स्थिरता पर चीन के ध्यान को दर्शाता है, जिसकी सकारात्मक झलक ऊर्जा क्षेत्र में विशेष रूप से स्पष्ट है। हाल के वर्षों में, चीन नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के विस्तार में वैश्विक योगदानकर्ताओं में अग्रणी रहा है। वर्ष 2024 में, चीन ने स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में 8 खरब 18 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश आकर्षित किया, जो वर्ष 2023 की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक था। इसके साथ ही, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), उन्नत विनिर्माण और डिजिटल सेवाओं जैसी डिजिटल अर्थव्यवस्था चीन के विभिन्न उद्योगों की दक्षता को बढ़ा रही है।
कैरोज़ के अनुसार, यह प्रगति न केवल चीन की अपनी आर्थिक लचीलापन को मजबूत कर रही है, बल्कि अन्य देशों के लिए स्वच्छ ऊर्जा और प्रौद्योगिकी व्यापार जैसे क्षेत्रों में नए अवसर भी पैदा कर रही है, जिससे अनिश्चित वैश्विक वातावरण में सामूहिक चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलती है। चीन द्वारा नई गुणवत्ता वाली उत्पादक शक्तियों के विकास पर बात करते हुए कैरोज़ ने कहा कि उन्नत विनिर्माण और हरित प्रौद्योगिकी में चीन के निवेश से यह दिखता है कि बड़े पैमाने पर अनुप्रयोग में नवाचार कैसे प्रभावी हो सकता है। वर्तमान में, विश्व आर्थिक मंच द्वारा मान्यता प्राप्त वैश्विक “लाइटहाउस कारखानों” में से लगभग 40 प्रतिशत चीन में स्थित हैं। चौथी औद्योगिक क्रांति की प्रौद्योगिकियों के उपयोग, उत्पादकता बढ़ाने और स्थिरता मजबूत करने में ये कारखाने विश्व में अग्रणी हैं।
कैरोज़ ने जोर देकर कहा कि चीन के पास वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला है। विश्व के सबसे बड़े विनिर्माण देश के रूप में, चीन का विकास स्वाभाविक रूप से वैश्विक प्रभाव रखता है। जलवायु परिवर्तन और आपूर्ति श्रृंखला की अस्थिरता जैसी चुनौतियों से निपटने में चीन की हरित प्रौद्योगिकी और उन्नत विनिर्माण की शक्ति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि व्यापार संरक्षणवाद के बढ़ते दौर में, बहुपक्षीय तंत्र का उपयोग स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और पारस्परिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए किया जाना चाहिए। विश्व व्यापार संगठन के हवाले से उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार अभी भी बढ़ रहा है और कई देश व क्षेत्र जटिल परिस्थितियों में आपसी लाभ की तलाश के लिए व्यापार सुविधा को सक्रियता से आगे बढ़ा रहे हैं।
कैरोज़ ने प्रतिभा विकास के क्षेत्र में चीन के प्रयासों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि एआई और स्वचालन से रोजगार बाजार में आए बदलाव के सामने, चीन ने औद्योगिक विकास, डिजिटल परिवर्तन और जलवायु परिवर्तन से निपटने की रणनीति को प्रतिभा प्रशिक्षण के साथ मजबूती से जोड़ा है, जो अन्य उभरते बाजारों के लिए महत्वपूर्ण सीख है। बता दें कि विश्व आर्थिक मंच का 2026 वार्षिक सम्मेलन 19 से 23 जनवरी तक स्विट्जरलैंड के दावोस में “संवाद की भावना” विषय के तहत आयोजित किया जा रहा है। कैरोज़ ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के सामने, संवाद अब एक “विकल्प” नहीं, बल्कि “आवश्यकता” बन गया है। उनके मुताबिक, संवाद का अंतिम मूल्य विश्वास का निर्माण करना है, और यही विश्वास वैश्विक आर्थिक विकास और स्थिरता की आधारशिला है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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