Last Updated: November 4, 2026

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‘धर्म की आड़ में सनातन को कमजोर करने वालों से सावधान रहें’, शंकराचार्य विवाद के बीच बोले CM योगी

January 22, 2026

‘धर्म की आड़ में सनातन को कमजोर करने वालों से सावधान रहें’, शंकराचार्य विवाद के बीच बोले CM योगी

प्रयागराज: माघ मेले के दौरान शंकराचार्य से जुड़े विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म और राष्ट्र के प्रति समाज को सशक्त संदेश दिया। सीएम योगी ने कहा कि आज कुछ लोग धर्म का दिखावा कर सनातन धर्म को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को ‘कालनेमि’ बताया। कालनेमि रामायण का वह असुर था, जो साधु का रूप लेकर हनुमान को भ्रमित करना चाहता था। बाहर से वह धर्मात्मा लगता था, लेकिन भीतर से वह धर्मविरोधी काम कर रहा था।

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संत के लिए धर्म और राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं होता: सीएम योगी

सीएम ने स्पष्ट किया कि एक योगी, संत या संन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं होता। उनका कहना था कि संन्यासी की कोई व्यक्तिगत संपत्ति नहीं होती, उसकी असली संपत्ति धर्म होता है और राष्ट्र उसका स्वाभिमान। जो व्यक्ति धर्म के खिलाफ आचरण करता है, उसे सनातन धर्म का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता। योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि धर्म केवल शब्दों या वेश में नहीं दिखता, बल्कि सही आचरण में दिखाई देना चाहिए।

उन्होंने समाज से अपील की कि धर्म के नाम पर फैलाए जा रहे भ्रम और दिखावे से सावधान रहें। उनके अनुसार, सनातन धर्म हमेशा सत्य, संयम और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखता है, और यही उसकी सच्ची सेवा है। यह बयान शंकराचार्य को मौनी अमावस्या पर रथ से स्थानांतरित करने को रोकने के बाद के विवाद के समय आया। हालांकि सीएम ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके शब्दों को मौजूदा विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।

सीएम योगी ने ऐसे लोगो को ‘कालनेमि’ बताया

उन्होंने ऐसे लोगों को ‘कालनेमि’ बताया। कालनेमि रामायण का वह असुर था, जो साधु का रूप लेकर हनुमान को भ्रमित करना चाहता था। बाहर से वह धर्मात्मा लगता था, लेकिन भीतर से वह धर्मविरोधी काम कर रहा था। सीएम ने स्पष्ट किया कि एक योगी, संत या संन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं होता। उनका कहना था कि संन्यासी की कोई व्यक्तिगत संपत्ति नहीं होती, उसकी असली संपत्ति धर्म होता है और राष्ट्र उसका स्वाभिमान। जो व्यक्ति धर्म के खिलाफ आचरण करता है, उसे सनातन धर्म का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता।

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‘सनातन धर्म हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखता है’

योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि धर्म केवल शब्दों या वेश में नहीं दिखता, बल्कि सही आचरण में दिखाई देना चाहिए। उन्होंने समाज से अपील की कि धर्म के नाम पर फैलाए जा रहे भ्रम और दिखावे से सावधान रहें। उनके अनुसार, सनातन धर्म हमेशा सत्य, संयम और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखता है, और यही उसकी सच्ची सेवा है। यह बयान शंकराचार्य को मौनी अमावस्या पर रथ से स्थानांतरित करने को रोकने के बाद के विवाद के समय आया। हालांकि सीएम ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके शब्दों को मौजूदा विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।

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