एंटरटेनमेंट डेस्क: सलमान खान की आने वाली फिल्म बैटल ऑफ गलवान का बहुप्रतीक्षित गाना ‘मातृभूमि’ आज रिलीज़ हुआ और रिलीज़ के कुछ ही घंटों में इसने दर्शकों के दिलों से सीधा जुड़ाव बना लिया। यह गाना बजरंगी भाईजान की तरह ही भावनाओं की गहराई को छूता है और बिना शोर-शराबे के प्यार, अपनापन और इंसानियत का एहसास कराता है।
‘मातृभूमि’ वही भावनात्मक माहौल रचता है जहाँ देशभक्ति बड़े दिखावे से नहीं, बल्कि परिवार और रिश्तों से जुड़े छोटे-छोटे, दिल को छू लेने वाले पलों के ज़रिये सामने आती है।
गाने के पहले ही दृश्य से देश के लिए गर्व और भावना महसूस होती है। सलमान खान को पत्नी और दो बच्चों के साथ दिखाया गया है, जो बजरंगी भाईजान में उनके किरदार की मासूमियत और अपनापन याद दिलाता है। उनकी सादगी भरी भावनात्मक अदायगी दर्शकों के साथ एक गहरा जुड़ाव बनाती है और उनके किरदार में स्वाभाविक गर्मजोशी और सुरक्षा का भाव दिखाई देता है।
चित्रांगदा सिंह की मौजूदगी कहानी में परिपक्वता और गरिमा जोड़ती है। सलमान खान के साथ उनकी जोड़ी नई, सहज और वास्तविक लगती है। सीमित लेकिन असरदार भाव-भंगिमाओं के साथ चित्रांगदा किरदार में शांति और मजबूती लाती हैं, जो सलमान की संतुलित परफॉर्मेंस को खूबसूरती से पूरा करती है।
हिमेश रेशमिया द्वारा संगीतबद्ध और अरिजीत सिंह व श्रेया घोषाल की आवाज़ में सजा ‘मातृभूमि’ जरूरत से ज्यादा नाटकीय होने से बचता है। इसकी धुन और भाव धीरे-धीरे मन में बस जाते हैं, जिससे दर्शक बिना बोझ महसूस किए भावनाओं को आत्मसात कर पाते हैं। यही सादगी इस गाने की सबसे बड़ी ताकत बनती है।
बैटल ऑफ गलवान और सलमान खान फिल्म्स म्यूज़िक की पहली पेशकश के तौर पर ‘मातृभूमि’ पहले ही दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना चुका है। यह गाना याद दिलाता है कि देशभक्ति की सबसे मजबूत अभिव्यक्ति प्यार, करुणा और अपनापन ही होती है।
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