अमृतसर: नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के माननीय सदस्य जस्टिस डॉ. अफरोज अहमद ने आज अमृतसर के पर्यावरण की स्थिति का जायजा लेने के लिए जिला अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण का संरक्षण केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारी साझा विरासत को बचाने का मिशन है। अहमद ने गिरते भू-जल स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि धरती के नीचे का पानी बचाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आम जनता को जल सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
वही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को सख्त आदेश दिए गए कि वे सभी उद्योगों में प्रदूषण चैक यंत्र लगाना अनिवार्य करें। सरकारी और निजी अस्पतालों में जैविक कचरे के निपटान की समीक्षा की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि कचरे का निपटान केवल निर्धारित नियमों के अनुसार ही होना चाहिए। वायु और जल प्रदूषण के साथ-साथ शहर में बढ़ते शोर को रोकने के लिए भी कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए गए। प्रशासन की ओर से पेश की गई प्रगति रिपोर्ट डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह ने जस्टिस अहमद को जिले में चल रहे प्रोजैक्ट्स से अवगत कराया।
उन्होंने बताया नगर निगम और परिषदों द्वारा कूड़े के वैज्ञानिक निपटान के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई और बताया गांवों के छप्पड़ों को थापर मॉडल के तहत पुनर्जीवित कर पानी को साफ किया जा रहा है। डीसी ने बताया कि किसानों के सहयोग से इस सीजन में पराली जलाने की घटनाओं में भारी कमी आई है। अच्छा काम करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया है। इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह के साथ नगर निगम कमिश्नर बिक्रमजीत सिंह शेरगिल, एडीसी रोहित गुप्ता, एडीसी अमनदीप कौर और पर्यावरण विभाग के वरिष्ठ इंजीनियर उपस्थित रहे।