जम्मू कश्मीर डेस्कः मंगलवार को कटड़ा और मां वैष्णो देवी धाम में अचानक मौसम ने करवट ले ली, जिससे दोपहर बाद हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित रही। हल्की से मध्यम बारिश और ठंडी हवाओं के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था अडिग रही और वे जयकारे लगाते हुए भवन की ओर बढ़ते रहे। गनीमत यह रही कि बैटरी कार और रोपवे सेवाएं पूरी तरह सामान्य रहीं। फरवरी माह में श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम होने के कारण प्राचीन गुफा के दर्शन भी खोल दिए गए हैं, जिससे यात्रियों को विशेष लाभ मिल रहा है।
ये भी देखें :-
13 हजार श्रद्धालुओं ने किए मां के दर्शन
जानकारी के अनुसार, 2 फरवरी को 16,800 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के चरणों में हाजिरी लगाई थी। वहीं, 3 फरवरी (सोमवार) को शाम 7 बजे तक करीब 13,000 श्रद्धालुओं ने आरएफआईडी कार्ड बनवाकर भवन की ओर प्रस्थान किया।
स्वर्ण जड़ित प्राचीन गुफा के द्वार खुले
फरवरी माह में श्रद्धालुओं की संख्या में आई गिरावट को देखते हुए स्वर्ण जड़ित प्राचीन गुफा के द्वार दिन और रात में कुछ समय के लिए खोले जा रहे हैं। इससे श्रद्धालुओं को प्राचीन गुफा मार्ग से मातारानी के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। हालांकि, श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर प्राचीन गुफा के द्वार पुनः बंद कर दिए जाएंगे।
यात्रियों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं
यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा मार्ग पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। सुरक्षाकर्मियों और श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की। मौसम की अनिश्चितता के बावजूद मां वैष्णो देवी के दरबार में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं को निरंतर दर्शन का सौभाग्य मिलता रहा।
ये भी पढे़ं :-
मेष: दिन शुभ रहेगा...