Pappu Yadav: बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को बीती देर रात पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 31 साल पुराने एक मामले में जमानत समाप्त होने के बाद की गई। गिरफ्तारी के दौरान राजधानी पटना में काफी देर तक तनाव और हंगामे की स्थिति बनी रही। सूत्रों के अनुसार, पप्पू यादव शुक्रवार रात पटना पहुंचे थे। उनके आवास पर पहुंचने के कुछ समय बाद ही पुलिस टीम वहां पहुंच गई। पुलिस के पहुंचते ही सांसद और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। पप्पू यादव ने पुलिस के साथ जाने से इनकार करते हुए कहा कि वह शनिवार को स्वयं अदालत में पेश होंगे। उन्होंने हाउस अरेस्ट का सुझाव भी दिया, लेकिन पुलिस ने इसे स्वीकार नहीं किया।
समर्थकों का विरोध, पुलिस वाहनों पर चढ़े लोग
गिरफ्तारी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में समर्थक मौके पर जमा हो गए। कई समर्थक पुलिस वाहनों पर चढ़ गए और नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव को चिकित्सीय जांच के लिए इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) ले जाया गया। यह पूरी कार्रवाई देर रात पटना के मन्दिरी इलाके में स्थित उनके आवास पर की गई।
#WATCH पटना, बिहार: निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को मेडिकल जांच के लिए IGIMS (इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) हॉस्पिटल से पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में शिफ्ट किया जा रहा है। pic.twitter.com/MTupK7jujq
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 7, 2026
क्या है 1995 का मामला
यह मामला वर्ष 1995 का है, जब पटना के गर्दनीबाग थाने में विनोद बिहारी लाल ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनके मकान को किराए पर लेते समय यह कहा गया कि वहां आवासीय उपयोग होगा, लेकिन बाद में उस मकान का इस्तेमाल सांसद कार्यालय के रूप में किया गया। आरोप है कि मकान किराए पर लेते समय इस तथ्य को जानबूझकर छिपाया गया।
गिरफ्तारी से पहले पप्पू यादव का बयान
गिरफ्तारी से पहले पप्पू यादव ने कहा कि वह संसद सत्र में भाग लेकर लौटे हैं और उन्हें अदालत के समन की जानकारी है। उन्होंने दावा किया कि वह शनिवार को अदालत में पेश होने वाले थे। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में आए कुछ पुलिसकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की आलोचना करने और हाल में एक नीट अभ्यर्थी की मौत के मामले में सीबीआई जांच की मांग उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
पुलिस का पक्ष
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि सांसद-विधायक मामलों की अदालत ने 1995 के केस में पेश नहीं होने पर पप्पू यादव के खिलाफ वारंट जारी किया था। इसी के तहत पुलिस टीम को उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने के निर्देश दिए गए थे।