चंडीगढ़: हरियाणा खेलों का पावर हाउस बन चुका है। जिसकी माटी फसल ही नहीं उगाती अपितु मैदान में चैंपियन भी पैदा करती है। अब हरियाणा केवल किसानों और जवानों की भूमि ही नहीं बल्कि खेलों की धरती के रूप में पूरे देश में अपनी पहचान बना चुका है। आज राष्ट्रीय खेलों से लेकर ओलंपिक तक हरियाणा की गूंज सुनाई देती है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का कोई भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी संसाधनों के अभाव में पीछे न रहे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गुरूग्राम स्थित ताऊ देवी लाल स्टेडियम में मुख्यमंत्री कप का शुभारंभ एवं 38वें राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को पुरस्कार वितरित करने के बाद उपस्थितगण को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने राष्ट्रीय खेलों के 417 पदक विजेता, प्रतिभागी खिलाड़ियों को लगभग 24 करोड़ की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की। उन्होंने हॉकी खिलाड़ी पद्मश्री सविता पूनिया को भी सम्मानित किया। यह आयोजन हरियाणा की खेल प्रतिभा, अनुशासन, परिश्रम और संकल्प का उत्सव है। आज गुरुग्राम की यह पावन धरती दो खेल उत्सवों के रंग में रंगी है। हरियाणा की मिट्टी केवल फसल ही नहीं बल्कि चैंपियन भी पैदा करती है। इस भूमि पर पसीना बहाकर खेलों में इतिहास रचा जाता है। कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक बिमला चौधरी, खेल विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया, खेल विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता उपस्थित रहे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...