केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत ने 4G में दुनिया का अनुसरण किया, 5G में वैश्विक स्तर पर कदम से कदम मिलाया और अब 6G में दुनिया का नेतृत्व करेगा।
लोकसभा में डिजिटल इकोसिस्टम और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि भारत ने केवल 22 महीनों में 5G सेवाओं को देश के 99.9 प्रतिशत जिलों में लॉन्च कर एक वैश्विक बेंचमार्क स्थापित किया।
सिंधिया ने कहा कि दूरसंचार कंपनियों ने 4 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया और 5 लाख से अधिक BTS लगाए गए। वर्तमान में लगभग 40 करोड़ नागरिक 5G सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं, और 2030 तक यह संख्या 1 अरब होने की उम्मीद है।
ग्रामीण भारत में वाई-फाई नेटवर्क का विस्तार नई डिजिटल क्रांति ला रहा है। महाराष्ट्र इस मामले में अग्रणी है। देश में ब्रॉडबैंड कनेक्शन एक दशक पहले 6 करोड़ से बढ़कर अब 1 अरब हो गया है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक इस बुनियादी ढांचे को और मजबूत बनाना है।
सिंधिया ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब तकनीक का अनुयायी नहीं, बल्कि वैश्विक डिजिटल नेता बन चुका है। यह क्रांति अब केवल शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि गांवों तक भी पहुंच रही है, और नागरिकों के जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और आजीविका को नया आकार दे रही है।”
इसके अलावा, भारत ने ‘नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स 2025’ (NRI 2025) में सुधार करते हुए 45वां स्थान हासिल किया। भारत का स्कोर 2024 में 53.63 था, जो 2025 में बढ़कर 54.43 हो गया है। कई डिजिटल संकेतकों में भारत अग्रणी स्थिति में है।